अमेरिका की संसद में भारत को लेकर पेश किया गया नया क़ानून, बदल जाएगा बहुत कुछ

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पिछले अगर हम एक दशक की बात करे तो भारत और अमेरिका के रिश्तो में काफी ज्यादा नजदीकियां आयी है और ऐसा इसलिए है क्योंकि जिस तरह के हालात बने ऐसे में अमेरिका को एशिया में भारत की जरूरत थी और भारत को कई टेक मामलो में अमेरिका की. इस वजह से भारत और अमेरिका के बीच में कई बड़ी डील्स भी हुई है. मगर अब जो अमेरिकी संसद में हो रहा है वो दोनों के रिश्तो को एक नया आयाम दे देगा और कही न कही बड़ी वाली मजबूती देने वाला है.

भारत से सैन्य सम्बन्ध मजबूत करेगा अमेरिका, संसद में पेश किया बिल
अमेरिका की दोनों ही पार्टियो रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स ने सदन में राष्ट्रीय रक्षः प्राधिकरण अधिनियम 2021 पेश किया है. इसे 21 क्यों का गया है? इसके पीछे भी कारण है. अभी सदन में ये प्रस्ताव रखा गया है कि  भारत के साथ उसी लेवल के सम्बन्ध मजबूत किये जाए जैसे कि आज की डेट में इजरायल लके साथ में है. यानी अगर ये क़ानून पारित होता है तो अमेरिका और अमेरिका की कम्पनियों से भारत उसके अत्याधुनिक विमानों और रक्षा उपकरणों की डील कर सकेगा.

अमेरिका वैसे तो सारी दुनिया में रक्षा उपकरण बेचता है लेकिन उसके पास जो अभी के सबसे लेटेस्ट मॉडल है या फिर सबसे बढ़िया टेक्नोलॉजी है वो इसे सिर्फ अपने और अपने सबसे करीबी दोस्तों के लिए ही रखता है और उन्हें ये बेच भी देता है. इस क़ानून के पास होने के बाद में भारत अमेरिका से सबसे एडवांस जेट्स की डील भी कर सकेगा और ये भारत के लिए सबसे अच्छी बात भी है क्योंकि इससे भारत अमेरिकी स्टेल्थ टेक्नोलॉजी वाले विमान भी खरीद सकता है जो रडार की पकड़ में तक नही आते है.

हालांकि अभी ये सब होने में समय है. इसकी समीक्षा के लिए 180 दिनों का समय दिया गया है यानी इस पर कन्फर्मेशन आने में अभी अगला साल तक लग जाएगा जिसके बाद जाकर के भारत अमेरिका का एक बहुत बड़ा पार्टनर बन सकेगा और ये एशिया रीजन में भारत की स्थिति को काफी मजबूत कर देगा.