जब चीन ने भूटान को अपने तरफ आने के बदले ऑफर किये 10 बिलियन डॉलर, मिला ये जवाब

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चीन लगातार चाह रहा है कि वो सारे के सारे पडोसी और छोटे मोटे गरीब देशो को अपनी तरफ कर ले और इसके बाद में विश्व शक्ति के रूप में उभरना चाहता है. इसके लिए चीन अलग अलग देशो को खूब पैसा दे रहा है, कर्ज देता ही जा रहा है और अपना जो आर्थिक गलियारा बना रहा है उसमे उनको सहभागी बना रहा है. एशिया में भी नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश को वो अपना हिस्सा बना चुके है और ये कही न कही बहुत ही बड़े लेवल का काम हो रहा है क्योंकि इनको भी चीन ने कर्ज दिया हुआ है. अब भूटान की बारी आई.

भूटान ने ठुकराया चीन का कर्ज का ऑफर, भारत के साथ दोस्ती को दी प्राथमिकता
चीन ने अब भूटान को टार्गेट करते हुए भूटान को ऑफर दिया कि वो उसके आर्थिक गलियारे का हिस्सा बने और साथ ही साथ में भूटान को वो 10 बिलियन डॉलर का कर्ज देगा जिसे वो चाहे जैसे खर्च करे. बस उसे भारत के पक्ष को छोड़कर के चीन के पाले में आना होगा.

अब इसी बात पर भूटान ने साफ तौर पर चीन को मना कर दिया और कहा कि हम न तो चीन से कोई कर्ज लेने में रुचि रखते है और न ही चीन के आर्थिक गलियारे का हिस्सा बनने में हमारी कोई रुचि रखते है. भूटान ने इसके बाद में कई बार मेंशन किया है कि हम भारत के साथ में अपने दूरगामी रिश्तो को अधिक महत्त्व देते है और देते रहेंगे. भूटान यहाँ तक कि जब दोकलाम जैसी स्थिति पैदा होती है और उसके देश पर कोई संकट आता है तब भी भारत को ही याद करता है और भारत भूटान की अच्छे तरीके से मदद करता है.

कही न कही अगर आज की तारीख में देखे तो भारत के सबसे बेहतरीन सम्बन्ध एशिया में भूटान के साथ में ही है और भूटान अब शायद नेपाल की जगह लेकर के भारत के नम्बर वन पडोसी की जगह भी बना सकता है जो अपने आप में दोनों की फ्रेंडशिप को आगे ले जाने की तरफ काम करेगा.