भारत का विरोध करने के चक्कर में खुद फंस गये नेपाल के प्रधानमंत्री, अब उनके साथ हो रहा ऐसा

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केपी ओली शर्मा जब से नेपाल के प्रधानमंत्री बने है तब से उन्होंने धीरे धीरे भारत को परेशान करना शुरू कर दिया था और पिछले बीते वक्त में तो जिस तरह से नेपाल के प्रधानमंत्री ने भारत के खिलाफ अपना नक्शा जारी किया, चीन से करीबियां दिखाई और फिर कही न कही चीन के साथ में दोस्ती भी गहरी कर ली. बॉर्डर पर भी नेपाल का भारत के साथ में हल्का फुल्का तनाव दिखा वही दूसरी तरफ न सिर्फ केपी ओली सरकार में अपनी मनमानी करते दिखे, बल्कि चीन ने नेपाल के दो गाँव भी कब्जा लिए जिस पर वो चुप रहे.

अपनी ही पार्टी के लोग ओली से नाराज, बना रहे इस्तीफा देने का दबाव
अब केपी ओली की अपनी ही पार्टी में कई सारे लोग है जो उनके खिलाफ खड़े हो गये है. एक तरह से दो नम्बर ने नेता माने जाने वाले नेता प्रचंड भी उनका इस्तीफा चाह रहे है. ओली अब धीरे धीरे अपना प्रभाव खोते जा रहे है और तो और समिति में भी ऊनका कोई अस्तित्व मानो नही रह गया है. जो बैठक खूद ओली के घर पर होनी थी उसमे तक वो इस डर के मारे नही पहुंचे कि कही इस्तीफा न मांग लिया जाए.

इसे समिति के लोग अपना और बैठक का भी अपमान बता रहे है. ये बात तो पार्टी की हो गयी दूसरी तरफ जनता का भी एक बहुत ही बड़ा हिस्सा है जिनमे से अधिकतर लोग भारत में कमाई करने के इरादे से जाते है उन्होंने भी ओली को सोसल मीडिया  पर ओली के कदमो की जमकर के आलोचना की है जिसके बाद में ओली पर इस्तीफा देने का दबाव और भी ज्यादा बन रहा है.

कई लोग है जो बहुत ही ज्यादा दूरदर्शी है और वो चीन से मिलने वाले क्षणिक लाभ के लिए भारत के साथ अपने इतिहासिक और दूरगामी संबंधो को खराब होते हुए नही देखना चाह रहे है. बात अपने आप में ठीक भी है लेकिन ओली अब ऐसे वक्त में क्या करते है ये भी देखने वाली ही बात होगी.