मुस्लिम देशो ने मिलकर भारत के खिलाफ दिया ये बयान

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भारत हमेशा से ही कोशिश करता है कि अपने देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था बनी रहे और साथ ही साथ में जो भी चीजे दुनिया के लेवल पर है वहाँ पर भी सब कुछ सामंजस्य भरी स्थिति में बना रहे. ऐसा इसलिए जरूरी भी माना गया है क्योंकि जिस तरह से बीते वक्त में कश्मीर का मसला आने के बाद में पाक मुस्लिम देशो के साथ मिलकर के भारत पर दबाव बनाने का काम कर रहा है वो सबको अच्छे तरीके से नजर आ रहा है.

ओआईसी ने बुलाई कश्मीर पर बैठक, कश्मीरियों को अधिकार दिलाने पर की बात
पाक ने लगातार कोशिश कर करके ओआईसी की एक बैठक बुलाई जिसमे मुस्लिम देशो सऊदी अरब, तूर्की, पाकिस्तान, अजरबेजान और नाइजर ने हिस्सा लिया. इन्होने ये बैठक कश्मीर के लोगो के मसले पर बुलाई थी जिसमे ओआईसी के सेक्रेटरी जनरल ने कहा कि हम शान्तिपूर्ण तरीके से कश्मीर के मसले के सामाधान के पक्ष में है. दशको से कश्मीर के लोगो को उनके अधिकारों से वंचित रखा गया है. मैं अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लोगो से अपील करता हूँ कि वो इस मामले में आवाज उठाए.

ओआईसी ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव से भी ये अपील की है की वो अपनी पॉवर का इस्तेमाल करके भारत पर दबाव बनाए और सुरक्षा परिषद् में इस पर बैठक बुलवाए. अब ओआईसी ने अपना पूरा जोर तो लगा दिया है लेकिन जाहिर तौर पर ये पूरी तरह से निरर्थक निकली है क्योंकि इस बैठक में सऊदी अरब को छोड़कर के एक भी बड़ा और प्रभावी देश नही था. ऊपर से ओआईसी स्वयं एक धर्म आधारित संगठन है जो दुसरे धर्म के लोगो से खुदको अलग मानता है.

ऐसे में साफ़ है कि उनकी बात की निष्पक्षता पर तो सवाल उठेंगे ही उठेंगे और हमेशा से ही उठते आए है. कही न कही इसी कारण से इनका वर्चस्व आज भी एक सीमित दायरे तक ही बना हुआ है और शायद आगे भविष्य में भी बना ही रहने वाला है.