कांग्रेस और जिनपिंग की चायनीज पार्टी के बीच हुआ ये समझौता आया सामने

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हम देख रहे है कि भारत और चीन के बीच में फ़िलहाल किस तरह का माहौल बन रखा है. दोनों ही देशो के बीच में तनातनी का माहौल है और ऐसे वक्त में लोग कई सारे है जो ये कह रहे है कि इनको सबक तो सिखाना ही चाहिए वरना भविष्य में इनकी हिम्मत और बढ़ेगी. अब मोदी सरकार इस पर काम भी कर रही है लेकिन साथ ही साथ में कांग्रेस पार्टी को अगर देखे और ख़ास तौर पर हम राहुल गांधी को देखे तो वो ज्यादातर बयानबाजी मोदी सरकार पर ही कर रहे है.

सन 2008 में हुआ था जिनपिंग की पार्टी से समझौता, कई मामलो पर कांग्रेस ने बनाई थी आपसी सहमति
ये बात ओलम्पिक के वक्त की है जब चीन में ओलम्पिक का उद्घाटन हुआ था और आज सन था 2008. उस वक्त कांग्रेस सरकार मनमोहन सिंह के अंडर चल रही थी और जब ये सरकार चल रही थी उस वक्त में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी चीन गये थे. वहाँ पर वो ओलम्पिक में अतिथि थे. वहाँ पर रहने के दौरान उन्होंने एक एमओयू साइन किया था जैसा कि एक नही कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा है.

कांग्रेस पार्टी और कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ चीन के बीच में कई डाटा, जानकारी आदि साझा करने और कई आपसी सहयोग करने पर सहमति हुई थी. अब ये सहमति और सहयोग किस टाइप के थे ये बात की जानकारी तो अभी किसी के पास में भी नही है. अब जरूरी है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर सोनिया गांधी और राहुल गांधी उन बातो को पब्लिक करे जो उनकी पार्टी ने सत्ता में रहते हुए चीन के साथ में की थी.

एक जाने माने वकील महेश जेठमलानी ने भी इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके इस मामले में जांच करवाने की मांग की है. जरूरी है कि इस वक्त में सारा देश एक रहे न कि पार्टियां आपस में बाँटकर बंटकर के रहे.