शिवसेना कांग्रेस गठबंधन में गहराई दरार, अब शिवसेना ने दी कांग्रेसियों को ये चेतावनी

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वैसे ही महाराष्ट्र में हालात सामान्य नही है और जिस तरह से वहाँ पर महामारी फैली है उसके बाद में तो चीजे सामान्य होती नजर आ भी नही रही है. मगर इन सबके बीच में भी गठबंधन वाली राजनीति बड़े जोरो पर चल रही है. अगर आपको मालूम हो तो पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस के लोग शिवसेना से बड़े नाराज चल रहे है क्योंकि सरकार में उनकी बिलकुल भी नही चल रही है और तो और उन सबको बिलकुल ही साइड लाइन किया जा रहा है जिससे नाराज होकर कांग्रेस के लोगो ने उद्धव ठाकरे से मुलाक़ात कर इस पर शिकायत करने का निर्णय किया है.

सामना में दिया शिवसेना में जवाब, कहा पुरानी खटिया क्यों चरमरा रही है
सामना मुखपत्र में इशारों ही इशारों में कांग्रेस के दो बड़े नेता बाला साहब थोराट और अशोक चाहवण पर निशाना साधा गया और कहा गया ये पुरानी खटिया इतनी चरमरा क्यों रही है? लेख में लिखा गया है कि दोनों ही मंत्री मुख्यमंत्री से मिलकर के अपनी बात कहना चाहते है लेकिन कांग्रेस कहना क्या चाहती है? राजनीति के ये पुरानी खटिया इतना आवाज क्यों कर रही है?

इसके बाद में शरद पवार की तारीफ़ करते हुए कहा गया कि राज्य में मुख्यमंत्री का फैसला ही आखिरी होता है और खुद शरद पवार ने भी इस बात का पालन किया है. वो समय समय पर मुख्यमंत्री महोदय से मिलते रहते है और अपने सुझाव देते रहते है. उनका अनुभव बड़ा ही लाजवाब है. कांग्रेस भी अच्छा काम कर रही है लेकिन ये पुरानी खटिया आवाज बड़ी करती है, लेकिन क्या करे वो भी एक ऐतिहासिक विरासत है.

इसके बाद में सामना के लेख में कांग्रेस को एक तरह से चेतावनी देते हुए ही कहा गया है कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे कुर्सी के लालची नही है कि वो आपकी कोई भी शर्त मान लेंगे. उद्धव ठाकरे को सत्ता का लोभ नही. ये हमने कुछ एक पंक्तियाँ छांटी है जो सामना में लिखी गयी है और इनसे साफ़ पता चलता है कि शिवसेना कांग्रेस को चेता रही है कि हम पर दबाव बनाने की कोशिश तो भूलकर के भी न करे.