तो अब मोदी आर शाह के सामने सरेंडर कर चुके है केजरीवाल

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देश की राजधानी नयी दिल्ली में जिस तरह के हालात हम लोगो ने बीते दिनों में देखे है वो अपने आप में बड़े ही डरावने रहे है. अस्पतालों में हालात बिलकुल ही असामान्य हो रहे है और कोरोना ने दिल्ली वालो को मानो जकड सा लिया है. ऐसे वक्त में दिल्ली सरकार यानी केजरीवाल के हाथ पाँव पूरी तरह से फूले फूले नजर आ रहे है. कोई रिसोर्सेज है नही तो ऐसे में उनको केंद्र से ही मांग करनी पड़ी है जिसके परिणाम हमें आने वाले कुछ दिनों में देखने को मिलेंगे.

दिल्ली में केंद्र की हर गाइडलाइन लागू करने को तैयार केजरीवाल, मदद भी जमकर लेंगे
दिल्ली में बिगड़ते हुए हालातो के चलते हुए केजरीवाल सरकार ने एक नही बल्कि कई बार केंद्र को मदद के लिए अप्रोच किया है. उन्होंने खुद अमित शाह से मिलकर के मदद मांगी जिसके बाद में शाह ने एक हाई लेवल मीटिंग करके दिल्ली के लिए बड़े लेवल पर मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध करवाने की बात कही है ताकि लोगो की रिकवरी बढ़ सके. केंद्र का ये भी कहना है कि वो दिल्ली में तीन गुना तक टेस्टिंग बढ़ाएंगे. कन्टेनमेंट जोन में तो ये घर घर जाकर के किया जाएगा.

केजरीवाल सरकार ने केंद्र से पांच हजार करोड़ की मदद भी मांगी है क्योंकि उनके पास में अब सरकारी कर्मचारियों की तनख्वाह देने के भी पैसे नही है और कई डॉक्टर्स जो अस्पतालों में लगे हुए है उनकी तो तीन तीन महीने से सैलरी नही आयी है जो अपने आप में इस सरकार के ऊपर सवाल खड़े करती है जिसमें केजरीवाल दावे करते थे कि हमारे पास तो सरप्लस में बजट पड़ा हुआ है.

अब दिल्ली की न तो सेहत अच्छी है और न ही आर्थिक हालत तो ऐसे में केजरीवाल के लिए भी मजबूरी बन गयी है कि वो केंद्र सरकार के दफ्तर में चक्कर लगाये. हालांकि चाहते तो सब यही है कि कोई भी ठीक करे बस दिल्ली की हालत ठीक हो जाए.