लद्दाख से ऐसे ही नही हट गया चीन, मोदी ने अपने सबसे ख़ास आदमी को आगे किया था

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फ़िलहाल के दिनों में मोदी की नीति की और इंडियन आर्मी के पराक्रम की चर्चा है जिसके बल पर लद्दाख से चीनियों को खदेड़ दिया गया और ये अपने आप में काफी बड़ी बात थी. भारत की कूटनीतिक जीत ही इसे कहा जा सकता है कि चीनियो को उलटे पाँव भागना पड़ा. अब इसका क्रेडिट पूरा का पूरा मोदी को दिया जा रा है लेकिन असल में इसका कोई और भी है जो पूरा पूरा बराबरी का न सिर्फ हकदार है बल्कि उसने आज देश को सुरक्षा के मामले में काफी बेहतरीन कर दिया है.

डोभाल ने बनाई थी जवाबी कार्यवाही की रणनीति, परदे के पीछे से चलता रहा काम
चीन के सैनिक जब बॉर्डर के अन्दर तक घुस आये तो उसको जवाब किस तरह से देना है इस बात का सबसे अधिक एक्सपीरियंस डोभाल को ही था जिस कारण उनकी इसमें काफी अहम् भूमिका रही. डोभाल ने आर्टिलरी तैनात करने, लद्दाख में अपने भी टेंट चीनियों के सामने लगा देने और तो और चिनूक हेलीकॉप्टर जैसे तैनात कर देने जैसे कामो पर अपनी तरफ से रणनीति तैयार की.

उनके हाथ में काम आते ही न सिर्फ चीन कूटनीतिक स्तर पर फेल होने लगा बल्कि उनके सैनिको को आगे एक इंच भी बढ़ने के लिए जगह नही मिली. ये काम भारतीय सेना ने किया लेकिन उनको एक ब्रॉड लेवल के माइंडसेट की लीडरशिप तो चाहिए ही होगी न? अब उसी को निभाते हुए डोभाल नजर आये जिन्होने तमाम डायरेक्शन तय किये की इनको पीछे कैसे किया जाये और हमेशा की ही तरह उनकी स्ट्रेटजी काफी हद तक कामयाब हो भी गयी जिसकी जितनी तारीफ़ की जाए उतनी कम ही है.

इससे पहले जब डोकलाम में भी इसी तरह की कुछ कुछ परिस्थिति बनी थी तब उस वक्त में भी यही हालात हुए थे और कही न कही फिर तब डोभाल ने स्थिति को न सिर्फ संभाला बल्कि चीन को पीछे भी धकेलने में काफी हद तक कामयाबी हासिल की.