ट्रम्प ने जिनपिंग का सबसे बड़ा सपना लगभग तोड़ दिया है

336

इन दिनों चीन कोशिश कर रहा है कि वो दुनिया में एक सुपर पॉवर की जगह ले ले और अमेरिका को नम्बर दो करने की कोशिसे भी उसकी जारी है लेकिन लगता है चीन को इस वजह से एक बहुत ही बड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा और वो ये है कि जो काम चीन अपने विकास के लिए कर पा रहा था अब अमेरिका उसमे भी रोक लगाने लग जाएगा. ऐसा शायद इन दिनों में हो भी चुका है जिसमे जिनपिंग का सपना चकनाचूर होने की आवाजे आ रही है.

चीन का टेक्नोलॉजी सुपरपॉवर बनने का सपना टूटने की कगार पर, अमेरिका ने सारे रास्ते ब्लॉक किये
चीन ने हाल ही में 5जी टेक्नोलॉजी हासिल कर ली है और उसकी टेक्नोलॉजी काफी सस्ती है जिसकी मदद से वो दुनिया भर में टेक का विस्तार कर दुनिया में 5जी की मदद से सुपरपॉवर बनना चाह रहा है और इसमें सबसे अहम किरदार निभा रही थी चीन की कम्पनी हुवावे. मगर अमेरिका ने इस कम्पनी के पर क़तर दिए है. पहले तो इस कम्पनी को अमेरिका में व्यापार करने से प्रतिबंधित कर दिया और अब एक बड़ा खेल और हो गया है.

चीन को ताईवान की कम्पनी ने सेमी कंडक्टर देने से मना कर दिया है जिससे चीन की कम्पनी हुवावे लड़खडा गयी है क्योंकि वो खुद इसे बना पाने में असमर्थ है और ऐसे ही कई टेक्नोलॉजी पर चीन अमेरिका व उसके सहयोगी देशो पर निर्भर है जो अब चीन को सामान देने से ही एक तरह से कुछ भी बहाना बनाकर के मना कर रहे है, जिससे चीन का जिनपिंग का 5जी की मदद से टेक्नोलॉजी का सुपर पॉवर बनने का सपना टूट ही जाएगा इस बात में कोई भी शक नही है.

इसके अलावा अमेरिका कई प्रतिबन्ध है जो चीनी कम्पनियों पर लगा रहा है जिसमे यूरोपियन युनियन, जापान और ऑस्ट्रेलिया उसका साथ दे रहे है जिससे चीन एक तरह से घिर सा गया है और उसके पास में गुस्सा दिखाने के अलावा और कोई रास्ता ही नही बचा है.