केजरीवाल से मदद के लिए गुहार लगाती रही कोरोना संक्रमित पिता की बेटी, कोई मदद नही मिलने से देहांत

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दिल्ली आज की तारीख में महामारी के लिहाज से देखे तो बहुत ही बुरे हालात से गुजर रहा है. केजरीवाल सरकार उसे रोक पाने में कामयाब नही हो पा रही है. यही नही जो टीवी पर बड़े बड़े वादे करते हुए अरविन्द केजरीवाल नजर आ रहे है उसकी पोल और उनके अस्पतालों की पोल लोगो द्वारा सोशल मीडिया पर खोली जा रही है जो अपने आप में बहुत ही तकलीफदेह भी है और हैरानी जताने वाला भी है कि कोई इतना असंवेदनशील कैसे हो सकता है?

पिता को बचाने के लिए बार बार फोन लगाती, ट्वीट करती रही बेटी, कुछ भी नही हुआ
इनका नाम है अमरप्रीत जिन्होंने केजरीवाल सरकार से मदद के लिए पहली बार 2 जून को ट्वीट किया था. उस वक्त इन्होने जानकारी दी कि कोई हेल्पलाइन काम नही कर रही है और मदद नही आ रही है. आप लोगो से तुरंत मदद की अपेक्षा है. इसके बाद भी इनको कोई रिस्पोंस नही मिला.

इसके बाद अमरप्रीत ने अगला ट्वीट 4 जून को सवेरे 8 बजकर के 21 मिनट पर किया जिसमे अमरप्रीत ने कहा कि हम एलएनजेपी अस्पताल के बाहर खड़े है. मेरे पिता को वो लोग एडमिट नही कर रहे है. उनको बुखार हो रहा है और सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है. वो अब हॉस्पिटल से हेल्प लिए बिना सर्वाइव कर नही पाएंगे. इतना गिडगिडाने के बाद भी कोई मदद नही आयी.

इसके लगभग पौने घंटे के बाद में एक और ट्वीट आया जिसमे उन्होंने कहा सरकार हमपर फेल कर गयी. उनको बचाया नही जा सका. लगातार दो तीन दिन से मदद के लिए पुकारने के बाद भी एक परिवार को मदद के लिए आम आदमी पार्टी आ केजरीवाल सरकार से किसी ने भी मदद देने तक की तो छोडो कोई रिस्पोंस देने तक की भी जहमत नही उठाई.

जब ये सब कुछ चल रहा था उस वक्त में अरविन्द केजरीवाल उससे महज एक दिन पहले पत्रकार सागरिका घोष के हेयर कटिंग पर टीका टिप्पणी करने में व्यस्त हो रखे थे  जिससे पता चलता है कि उनको क्या चीज इम्पोर्टेन्ट लगती है और किस पर ध्यान देना वो जरूरी नही समझते.