अब उलटे पाँव भागने को मजबूर हुआ चीन, अपने टेंट हटाए और 2 किलोमीटर पीछे हटा

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पिछले एक लम्बे वक्त से लद्दाख में विवाद चल रहा था. आपने भी कई मीडिया रिपोर्ट्स देखी होगी जिसमे दर्शाया जा रहा था कि कैसे चीन बॉर्डर क्रॉस करके भारत के लद्दाख में घुसने का प्रयास कर रहा है और वो काफी अन्दर घुस भी आया था जहाँ पर कभी वो अपने सेनिक भेज रहा था, कभी गाडी तो कभी टेंट लगा रहा था. इसी बीच भारतीय जवानो ने उनका प्रतिरोध भी किया जिसमे छुटपुट झडप की खबरे भी आने लगी जिसके बाद से लगा कि टेंशन काफी बढ़ रहा है तो भारत ने अपनी आक्रामकता और ज्यादा बढ़ा दी.

कूटनीतिक और वैश्विक दबाव बना रहा भारत, सैन्य प्रतिक्रिया भी अपने अंदाज में दी
भारत के लिए ये कोई मामूली बात नही है कि कोई उसके बॉर्डर के अन्दर घुस आये. ऐसे में लगातार कूटनीतिक स्तर पर अधिकारियो की बैठक हो रही थी. भारतीय लीडर्स ने भी कहा कि हम बॉर्डर से खिलवाड़ बर्दाश्त नही करेंगे. इससे साफ़ हो गया कि अब तो चीन का डराने वाला पासा उलटा पलट गया है. ऊपर से चीनी जवानों की हालत बॉर्डर पर और ज्यादा खराब हो रही थी.

एक तरफ वो आ आकर टेंट लगा रहे थे ऊपर से बार बार भारतीय जवानों ने उन्हें धकेलना शुरू कर दिया. खबर आयी कि धक्का मुक्की भी हुई है. अब इसमें तो कौन कितना हष्ट पुष्ट है ये तो हर कोई जानता ही है. यही नही भारत ने अपने चिनूक हेलीकॉप्टर तक लद्दाख में भेज दिए और ये वहाँ पर एयरफ़ोर्स को उतारने का संकेत था जिसके बाद में चीन को अंदाजा हो गया कि अपन गलत जगह पर भिड गये है. इन सब कारको के चलते हाल ही में चीनी सैनिको ने अपने बड़ी संख्या में टेंट उखाड़ लिये है और वो लगभग दो किलोमीटर पीछे भी हट गये है.

इसी तरह का तनाव डोकलाम के समय में भी हुआ था और तब भी भारतीय सेना ने चीन को भूटान से पीछे धकेल दिया था और अपने पडोसी देश को बचाया था. ये अपने आप में काफी बेहतरीन काम था.