अगर मोदी ने ये फैसला लिया, तो चीन बुरी तरह से बौखला सकता है

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भारत और चीन के बीच में वैसे तो काफी समय से प्रतिस्पर्धा लम्बे समय से चल रही है और चीन के लिए भारत पर बड़ी ही भारे निर्भरता है और अगर भारत इस मामले में चीन को चकमा दे दे तो फिर क्या ही हो? अब आप कहेंगे कि ऐसा कैसे हो सकता? तो दरअसल दुनिया में ऐसी कई चीजे है जिनमे चीन को भारत की जरूरत है है और 5जी का जाल बिछाना उनमे से एक है. इसे लेकर के कुछ बड़े वैश्विक बदलाव की आहट सुनाई दे रही है.

ब्रिटेन बना रहा है डी10 ग्रुप, भारत को भी मिला इसमें जुड़ने का न्योता
दुनिया के ताकतवर देशो में से एक देश ब्रिटेन यानी यूके ने हाल ही में एक प्रपोजल दुनिया के सामने रखा है और वो है डी टेन ग्रुप का जिसका पूरा नाम है डेमोक्रेसी टेन. इसमें यूके चाह रहा है कि दुनिया के 10 बड़े लोकतांत्रिक देश इसका हिस्सा बने और आपस में व्यापार सहयोग को बढाए. इसके अलावा ब्रिटेन चाहता है कि जो भविष्य में 5जी टेक्नोलॉजी आने वाली है उसे लेकर के भी ये देश आपस में एक दुसरे का सहयोग करे और आपस में एक दुसरे को व्यापार भी दे.

कई मीडिया रिपोर्ट्स कहती है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि पश्चिम की बड़ी कम्पनियां जैसे नोकिया और एरिक्सन को 5जी के लिए अपने डिवाइस बेचने का मौका मिले और चीन की कम्पनी हुवावे इस रेस से बाहर हो जाए क्योंकि ये 10 बड़े देश उसे अपने यहाँ फिर काम देंगे ही नही जिसकी चीन आस लगाकर के बैठा है. अब भारत अगर इस ग्रुप को ज्वाइन कर लेता ही तो फिर चीन की सिट्टी पिट्टी गुम हो जायेगी क्योंकि हुवावे के जरिये चीन कई अरबो डॉलर की कमाई भारत से उगाने की फिराक में था.

मगर इस ग्रुप का हिस्सा बनने से भारत चीन को काफी बड़ा झटका दे सकता है और सीधे तौर पर ये बड़े लेवल की आर्थिक चोट होगी जिसके बाद में चीन नखरे भी करेगा, चेतावनी भी देगा और कई चीजे करेगा.