सोनिया राहुल ने की लोगो के खाते में 7500 रूपये डालने की मांग, अमित शाह ने दिया जवाब

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देश में अब कैसी भी स्थिति हो पक्ष और विपक्ष के बीच में दिक्कते चलती ही रहती है और इन्ही के चलते लोगो को परेशानियां भी आती रहती है. जब दोनों तरफ के लोग सिर्फ अपना एजेंडा आगे बढाना चाहते है, जनता के साथ में क्या हो रहा है इससे उनको कोई मतलब ही नही है. अब हाल ही में कांग्रेस के आलाकमान के नेता मांग कर चुके है कि लॉक डाउन के चलते जो आम लोगो की हालत खराब हुई है उसे ठीक करने के लिये 7500 रूपये की आर्थिक मदद की जानी चाहिये.

कांग्रेस यही नारा लेकर के चुनाव में उतरी थी और हार भी गयी
अमित शाह से जब आज तक के इंटरव्यू में पूछा गया कि कांग्रेस जो ये खाते में पैसा डालने का कह रही है उस पर क्या कहना है? इस पर अमित शाह ने कड़े तौर पर जवाब देते हुए कहा कि ये पैसा देने से कोई प्रॉब्लम सोल्व नही होगी. बात है अगर दाल रोटी की तो हम सब लोगो को तीन महीने का अनाज गरीबो को उपलब्ध करवा ही चुके है. लोगो को लोन दिया जा रहा है और भारत सरकार खुद गारन्टर बन रही है ताकि उनकी वर्किंग केपिटल बढे.

अमित शाह ने साफ़ तौर पर कहा कि यही पैसे देने वाला नारा लेकर के कांग्रेस चुनावी मैदान में उतरी थी और हार भी गयी थी. जनता ने इसे नकार दिया है. फिर भी ये लोग समझ नही रहे है. इससे पहले इंदिरा गांधी ने भी ऐसा ही किया था गरीबी हटाओ का नारा दिया था लेकिन गरीबी हटी नही. ये भी बिल्कुल वैसा ही चुनावी नारा है. रही बात पैसे ट्रांसफर करने की तो हम नियमबद्ध तरीके से हजारो करोड़ किसानो के खाते में भेज चुके है जिनको जरूरत है.

शाह ने इतना कड़े तरीके से जवाब दिया है कि कांग्रेस अगर एक बार इसे मन से सुन ले तो शायद दुबारा लोगो को मुफ्त में पैसे बांटने जैसे बयान देने ही छोड़ दे.