महाराष्ट्र में खतरे में उद्धव ठाकरे की सरकार? पहले बीजेपी और अब शरद पवार का बड़ा बयान

1082

महाराष्ट्र में जिस तरह की मिली जुली सरकार बनी हुई है वो अपने आप में इस सरकार की क्रेडिबलिटी पर समय समय पर सवाल उठाता रहा है और ऐसा इसलिए है क्योंकि तीन जो पार्टियां सत्ता में है उनका कोई वैचारिक मेल नही है जिसके चलते लगातार बीजेपी के निशाने पर भी ये लोग रहे है. हाल ही में उद्धव ठाकरे की सरकार में आपसी कलह की खबरे आई और फिर ये महामारी को कण्ट्रोल करने में भी विफल नजर आये जिस आधार पर बीजेपी की तरफ से मांग की गयी कि इस अस्थिर सरकार से महाराष्ट्र को बचाने के लिये राष्ट्रपति शासन लगाया जाये.

शरद पवार ने कहा, हमारी तरफ से सरकार को कोई खतरा नही
इस मामले पर शरद पवार की राय जाननी जरूरी थी क्योंकि इस खिचड़ी सरकार के सूत्रधार वही माने जाते है. शरद पवार ने इस पर बयान जारी करते हुए कहा कि वो उद्धव से मिले थे और उनकी तरफ से इस सरकार को कोई खतरा नही है. बाकी पार्टियो ने इस समय में उद्धव ठाकरे के फैसले को भी उनके अपने फैसले बताये है. बालासाहेब थोराट का भी ऐसा ही कुछ कहना है जबकि बीजेपी का कहना है ये सब दिखावे की बाते है.

बीजेपी नेताओं ने इसे लेकर के राज्यपाल से बी मुलाक़ात की थी. इससे अब कुछ हो न हो या सरकार गिरे न गिरे लेकिन उद्धव ठाकरे पर एक तरह से प्रेशर तो बन ही जाता है कि वो इस पर सरकार बचाने पर ध्यान दे और अपनी तरफ से कोशिशे जारी रखे. कुल मिलाकर के बात इतनी है कि उद्धव ठाकरे ने नए नाते जोड़कर के अपनी सरकार तो बना ली है लेकिन बीजेपी उन्हें चैन से कुर्सी पर बैठने का मौका तक नही दे रही है.

अब ऐसे में फडनवीस भी प्रेस वार्ता जल्द ही करने जा रहे है ताकि अपनी बातो को ठीक से रखा जा सके. अब वो असल में क्या कहना चाह रहे है ये तो प्रेस वार्ता में ही पता चलेगा.