अपनी गलतियां छुपाने के लिये उद्धव ठाकरे ने मोदी पर फोड़ा ठीकरा, लगाया ये आरोप

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अब देश में लॉक डाउन का चौथा चरण है और बंदिशों के साथ में लगभग दो महीने बीत चुके है. इस तकलीफों भरे दौर के बीच में अब मोदी सरकार ने अर्थव्यवस्था को धीरे धीरे पटरी पर लाने का प्रयास किया जा रहा है. जगह जगह की फ्लाइट्स शुरू की जा रही है ताकि फंसे हुए लोग अपने गंतव्यो की तरफ जा सके. मगर इससे उन राज्यों की सरकारों को बड़ी तकलीफ हो रही है जो स्थिति को संभाल पाने में नाकाम रही है और हालात उनके काबू में नही है. ऐसा ही कुछ ठाकरे सरकार के साथ नही है.

अचानक लॉक डाउन लागू करना गलत था, अब अचानक नही खोल सकते
आपको याद हो तो आज से दो माह पहले पीएम मोदी ने अचानक से लॉक डाउन की घोषणा की थी और लोगो से अनुरोध किया था कि वो जहाँ पर है वही पर ही रहे. ऐसे में संक्रमण को रोकने में काफी मदद मिली लेकिन अब जब बारी फिर से इसे खोलने की बात आ रही है तो उद्धव ठाकरे की हालत पतली हो रही है और वो इसका ठीकरा मोदी सरकार के ऊपर ही फोड़ते नजर आ रहे है.

उद्धव ठाकरे ने टीवी पर प्रसारण के दौरान कहा कि अचानक से लॉक डाउन लगाना गलत था और अब फिर से इसे अचानक से हटाना भी गलत होगा. हमारे लोगो के लिये ये दोहरा झटका होगा. ठाकरे सरकार जो मुंबई में संक्रमण को रोकने के लिए नाकाम रही है वो अब लॉक डाउन लगाने हटाने के पर जिम्मेदारी डाल रही है और अव्यवस्था फैलने के डर से मुंबई में पुणे में फ्लाइट्स भी ज्यादा संख्या में आने देने से रोकना चाह रही है.

अब ठाकरे सरकार ये समझने तक को राजी नही है कि केंद्र के पास में देश के सबसे बड़े एक्सपर्ट्स और ऑफिसर्स होते है जिनकी राय के बाद ही कोई बड़ा फैसला लिया जाता है. ऐसे में राज्य अपनी ही बोलने गाने लगे तो देश में संतुलन कैसे बैठेगा?