भारत का सबसे खास दोस्त चीन के चक्कर में आया, भारत को ही दिखाने लगा आँखे

262

इन दिनो भारत अपने आप में एक उभरती हुई महाशक्ति बन रहा है जो चीन की हैसियत को भी चुनौती दे रहा है और कई ऐसी बड़ी बड़ी कम्पनियां जो चीन को अपनी प्राथमिकता से हटा रही है और भारत की तरफ आकर्षित हो रही है जिसके चलते हुए अब चायना काफी ज्यादा बौखला गया है. आपने चीनी सेना से भारत की आर्मी के डिस्प्यूट के बारे में तो सुन ही लिया होगा जो इन दिनों बॉर्डर पर चल रहा है. इसके अलावा अब चीन कही न कही बैक डोर से भी भारत के खिलाफ प्रेशर बना रहा है ताकि हम उसके खिलाफ इंटरनेशनल फोरम में स्टैंड न ले.

नेपाल ने अपने आधिकारिक नक़्शे में भारत के हिस्सों पर किया दावा, सेना तक तैनात की
भारत और नेपाल के रिश्ते पिछले 70 साल के इतिहास में पहली बार ऐसे हुए है. नेपाल के प्रधानमंत्री के द्वारा नेपाल का आधिकारिक नक्शा जारी किया गया जिसमें कालापानी समेत कई इलाको को लेकर के नेपाल ने कहा कि यहाँ पर भारत ने अपना गलत अधिकार जमाया है जबकि ये हमारे इलाके है. यही नही भारत के खिलाफ बॉर्डर पर नेपाल ने अपनी तरफ से सेना तक लगा दी. जो चाहे अक्षम है लेकिन फिर भी कदम तो लिया ही है.

ऐसे में भारत और नेपाल के रिश्ते बिगड़ रहे है और कई राजनीतिक विशेषज्ञ मानते है कि इसके पीछे चीन का हाथ है क्योंकि इन दिनों नेपाल में कम्यूनिस्ट सरकार है जिसके चीन के साथ अच्छे रिश्ते बने है और चीन नेपाल को लगातार आर्थिक लालच भी दे रहा है और उसका उपयोग भारत के खिलाफ कर रहा है. हालांकि नेपाल सरकार ये बात समाझने को को राजी नही है कि जो चीज नेपाल को भारत दे सकता है वो चीन कभी नही दे सकता है.

भारत ने लम्बे समय से नेपाल के लोगो के लिए अपने बॉर्डर खोल रखे है और फ्री ट्रेड करने की उनको यहाँ नौकरी करने की आदि अनुमति भी है, नेपाल को भारत बराबरी के साथ ट्रीट करता है और आजादी देता है कि वो कुछ भी करे लेकिन चीन के साथ संबंधो में उसे ये सब नही मिलने वाला.