ममता के छूटे पसीने, पीएम मोदी से मांगी मदद

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इन दिनों देश की हालत कैसी हो रखी है ये बात किसी से भी छुपी हुई नही है. जगह जगह महामारी के चलते हुए लोग तकलीफे झेल रहे है लेकिन सबसे ज्यादा तकलीफ बंगाल को झेलनी पड़ रही है क्योंकि यहाँ कि सरकार की व्यवस्था इतनी लचर है कि ये लोग लोगो को बीमारी से बचाने में अपने प्राशासन को भी ठीक से इस्तेमाल नही कर पाए है और ऊपर से अब तो अम्फाल तूफ़ान ने लोगो की हालत और भी ज्यादा खराब कर दी है जिसके चलते ममता अब मोदी सरकार के दरवाजे पर मदद मांगने पहुंची है.

दक्षिण 24 परगना से लेकर हावड़ा तक अम्फाल तूफ़ान से भारी नुकसान, केंद्र से मदद की अपील
पहले ही प्रवासियों की भीड़ से जूझ रहे बंगाल पर एक और आफत आ गयी है. ममता बनर्जी के राज्य में भारी तबाही हुई है जिसमे कई लोगो की जान भी गयी है और कई बिल्डिंग्स को भी क्षति पहुंची है. ममता सरकार ने कहा है कि नुकसान इतना ज्यादा हुआ है कि इसको निर्धारित करने में अभी हमें दो से तीन दिन लग जायेंगे. ममता बनर्जी ने इस पर केंद्र से मदद की अपील करते हुए इस पर राजनीति न करने और इस एक मानवीय विपदा के रूप में लेने के लिये कहा है.

हालांकि मोदी सरकार पहले ही इस पर हाई लेवल मीटिंग कर चुकी है और अपनी तरफ से आश्वस्तता जता चुकी है कि बंगाल के लोग भी भारत के ही है और उनको ऐसे वक्त में जो भी मदद चहिये होगी वो सब कुछ उन्हें दिया जायेगा ताकि वो इस अम्फाल तूफ़ान से आयी तबाही से खुदको उबार सके. हर मुद्दे पर राजनीति करने वाली ममता बनर्जी के तेवर भी इस तूफ़ान के आने के बाद ढीले पड़ गये है.

बंगाल के अलावा यही तूफ़ान उडीसा में भी आया था लेकिन यहाँ पर बंगाल जितना नुकसान नही हुआ है और ख़ास तौर पर उड़ीसा सरकार की तैयारियों के चलते हुए काफी नुकसान जो हो सकता था उसे टाल दिया गया है.