मोदी शाह के एहसानों तले दब गये उद्धव ठाकरे, जमकर की तारीफ़

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अमित शाह और नरेंद्र मोदी आज की तारीख में ऐसे दो नेता है जिनकी तारीफ़ कई बार विपक्ष के लोग भी कर ही देते है. अब इसके पीछे कारण भी है क्योंकि इन दोनों की जोड़ी राजनीति में चाहे कितना ही धमाल कर ले लेकिन कभी किसी का बुरा अपने मर्जी से नही करती है. अब शिवसेना को देख लो, जो दिन रात बीजेपी को कोसने में लगे रहते है वो अब एक बार बीजेपी के ही मुख्य दो बड़े नेताओं की तारीफ़ में कसीदे पढ़े जा रहे है.

मोदी और शाह को दिया अपनी कुर्सी बचाने का श्रेय
शिवसेना को जो कोई भी बाते कहनी होती है वो अपने मुखपत्र में कहते है जो उद्धव के दिल की बात होती है और इस बार कुछ दिल की करीबी नजर आयी है. शिवसेना ने अपने सम्पादकीय में लिखा है कि अभी शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस का गठबंधन आत्मनिर्भर है. राज्य सरकार के काम काज में काफी बाधा होने के बावजूद उद्दव ठाकरे विधान परिषद् के निर्विरोध सदस्य निर्वाचित हुए है. कुछ लोगो ने सोचा कि ये नही हो पाएगा और उद्धव ठाकरे इस्तीफा दे देंगे जिसके बाद में वो शपथ ले लेंगे.

इसके बाद मोदी शाह की तारीफ़ करते हुए लिखा कि मोदी और शाह ने राज्य में अस्थिरता की अनुमति नही दी. मुख्यमंत्री को निर्वाचित नही होने देना राजनीतिक रणनीति के तौर पर अच्छा हो सकता है लेकिन जब राज्य इतनी बड़ी समस्या से लड़ रहा है ऐसे वक्त में इनका बिलबिलाना ठीक नही है. ऐसे वक्त में मोदी और शाह को इनको टीका लगाकर के शांत करना पड़ा. शिवसेना स्थानीय बीजेपी पर तो काफी हमलावर है लेकिन वो मोदी और शाह के प्रति अपना जो प्यार है वो तो चाहकर के भी नही रोक पा रही है.

आपको जानकारी हो तो अभी विधान परिषद् के चुनाव महामारी के चलते स्थगित हो गये थे लेकिन फिर ठाकरे ने मोदी को फोन कर मदद मांगी तब वो चुनाव हुए और उद्धव ठाकरे इसके सदस्य बने और उनकी कुर्सी भी बची वरना उनको इस्तीफा देना पड़ जाता.