मस्जिदों में अजान के दौरान लाउडस्पीकर बजाने पर हाई कोर्ट का बड़ा आदेश

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आस्था और क़ानून बहुत ही लम्बे समय से एक दुसरे के प्रतिरोध में खड़े नजर आते रहे है और ऐसा क्यों है? ये तो हम लोग भी अच्छे तरीके से जानते है. कई चीजे है जो लोग आस्था के चलते करते है लेकिन क़ानून को और आम जनता को वो चीज मान्य नही होती है. दरअसल एक जिला अधिकारी ने लाउडस्पीकरो से अजान करने पर रोक लगा दी थी जिसके खिलाफ एक बसपा के नेता ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दी जिस पर कोर्ट ने सुनवाई भी की और अपनी तरफ से महत्त्वपूर्ण टिपण्णी भी की.

अजान में लाउडस्पीकर के प्रयोग पर लगी पाबंदी को कोर्ट ने माना वैध,मूल अधिकारों की रक्षा के पक्ष में
कोर्ट ने जिला अधिकारी के आदेश को रद्द किया और अपनी तरफ से आदेश में कहा कि मस्जिद से अजान करने में कोई दिक्कत नही है लेकिन उसमें लाउड स्पीकर का इस्तेमाल नही होगा. अजान का इस्लाम से सम्बन्ध है लेकिन लाउड स्पीकर का धर्म से कोई भी सम्बन्ध नही है अजान तो बिना स्पीकर के भी हो सकती है और ध्वनि प्रदूषण रहित जिन्दगी में रहना लोगो का मूल अधिकार है.

ऐसे में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गाजीपुर के जिला अधिकारी के लाउड स्पीकर न बजाने वाले आदेश को एक तरह से बरकरार रखा है और एक तरफ से उस पर मुहर भी लगा दी. ऐसे में कही न कही एक बात तो मालूम चलती है कि अब अगर यूपी के हाई कोर्ट के आधार पर बाकी जगहो पर भी ये चीज अप्लाई हो जाए तो फिर इस पर काफी ज्यादा मात्रा में चर्चा और बवाल हो सकते है इस बात में कोई शंका नही है.

काफी ज्यादा लम्बे समय से मस्जिदों पर अजान और लाउड स्पीकर विवाद का विषय रहे है और अब तक राष्ट्र व्यापी इस पर कोई भी समाधान नही निकल सका है जिसे लेकर के कभी कोई आदेश निकलता है तो कभी कोई और कभी कोई याचिका लेकर के पहुँच जाता है.