ममता की इस हरकत से विदेशी कम्पनियां भारत आने से डरेगी, मोदी के सपने को लग सकता है ग्रहण

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार इस बात की कोशिश कर रहे है कि अब क्योंकि देश में मंदी जैसे हालात बन गये है तो कही न कही विदेशी कम्पनियां जो चीन में है उन्हें खींचकर के भारत में लाया जाए और खूब सारे बड़े बड़े प्लांट लगे ताकि देश का विकास हो सके लेकिन लगता है कि देश की जो अन्धरूनी राजनीति है वो ऐसा होने नही देगी और ये बात वाकई में सच है. अब आखिर ऐसा क्या हुआ है? चलिए हम जानते है.

लेबर लॉ में बदलाव किये बिना नही आएगी कम्पनियां भारत, ममता बदलाव नही करने पर अड़ी
भारत में विदेशी कम्पनियों के नही आने और इन्वेस्ट नही करने के पीछे का एक बड़ा कारण भारत के काफी सख्त लेबर लॉ है जिनके चलते कम्पनियों को नुकसान उठाना पड़ता है. ऐसे में मोदी सरकार इस पर मरहम लगा रही है और बीजेपी शासित राज्य लेबर लॉ को खत्म कर रहे है. आपको मालूम हो तो उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने भी हाल ही में तीस से ज्यादा लेबर लॉ निलंबित कर दिए है यानी कम्पनियो को ज्यादा छूट मिलेगी.

मगर ममता बनर्जी ने बीजेपी की इस नीति पर चलने से इनकार कर दिया और कहा कि वो लेबर लॉ में किसी भी तरह का बदलाव नही करेगी. अगर बंगाल में लेबर लॉ में बदलाव नही होता है तो विदेशी कम्पनियों में तो एक ही सन्देश जाएगा कि भारत के राज्यों में असमानता है. कल को अगर यूपी में सरकार बदली तो कही फिर से पुराने क़ानून आ जायेंगे और हम फसेंगे.. बंगाल की सरकार तो विदेशी कम्पनियों को यही सन्देश दे रही है और इसी राजनीति से डरकर के अब तक बड़ी बड़ी कम्पनियां भारत में आने से डर रही है.

यही नही ममता बनर्जी ने केंद्र के पैकेज को भी जीरो बता दिया चाहे अब तक उस पर कोई ख़ास बड़ा ऐलान नही हुआ है और वित्त मंत्री ने उसकी ढंग से ब्रीफिंग भी पूरी नही की है उससे पहले ही ममता बनर्जी उस पर तंज कस रही है जिससे मालूम चलता है वो सिर्फ विरोध करने में खुदको ऊँचा समझ रही है.