जम्मू कश्मीर को लेकर के सुप्रीम कोर्ट ने आज बहुत ही बड़ा फैसला सुनाया है

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जब से मोदी सरकार कश्मीर को लेकर के एक्टिव हुई है उसके बाद से ही लगातार कई जगहों से विरोध के स्वर उठ रहे है और कहीं  कही ये बाते बताती है कि कश्मीर को भारत से जोड़े रखने के लिये किन किन लोगो से सरकार को जूझना होगा. अब हाल ही की बात ले लीजिये, जम्मू कश्मीर में 4जी इन्टरनेट सेवा बहाली के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाल दी गयी जिस पर सुनवाई हुई और इस पर फैसला भी आ गया है जो कि भारत के अपने पक्ष में कहा जा सकता है.

अभी बहाल नही होगी इन्टरनेट सेवा, मानवधिकार के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा भी जरूरी
सुप्रीम कोर्ट में बार बार फेल होने के बाद भी कुछ याचिकाकर्ता फिर से पहुँच गये जिसमे उन्होंने जम्मू कश्मीर में फिर से इन्टरनेट बहाली के लिए याचिका दायर की. आपको बता दे गलत तरह के मेसेज वायरल होने से रोकने के लिए सरकार और प्रशासन ने जम्मू कश्मीर में अभी इन्टरनेट पर रोक लगा रखी है. इस पर वहां के लोग कह रहे है कि ये हमारे अधिकारों का हनन है और इसके खिलाफ वो सुप्रीम कोर्ट चले गये.

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने टिपण्णी करते हुए कहा कि हम जानते है जम्मू कश्मीर संकट में है मगर मानवाधिकार जितने जरूरी है उतनी ही जरूरी राष्ट्रीय सुरक्षा भी है. इसी आधार पर फ़िलहाल के लिए जम्मू कश्मीर में कोई भी 4जी इन्टरनेट सेवा की बहाली नही की जायेगी. जम्मू कश्मीर प्रशासन ने भी हलफनामा दायर करके इन्टरनेट सेवा बहाल न करने के लिए कहा था. हालांकि कोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिए है कि वो इस सम्बन्ध में कुछ करे.

एक कमिटी बनेगी जिसका नेतृत्व गृह मंत्रालय को दिया जाएगा और वो इस पर रिपोर्ट बनाएगा और उस आधार पर आगे का काम होगा और आप जानते ही है कि गृह मंत्रालय तो शाह के पास है. खैर सुप्रीम कोर्ट की राष्ट्रीय सुरक्षा के सम्बन्ध में जो टिपण्णी है वो अपने आप में बहुत ही बड़ी बात है जो साफ़ सन्देश भी है.