मोदी ने ममता को मदद के लिये बैठक में बुलाया था, ममता ने उल्टा ऐसे आरोप लगा दिये

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देश इन दिनों में बहुत ही विकट परिस्थिति से गुजर रहा है जहाँ पर हालात सामान्य तो बिलकुल भी नही है जो कि नजर भी आ ही रहा है. ऐसे में मोदी सरकार लगातार राज्यों के साथ मिलकर के कोशिश कर रही है कि किसी न किसी तरह से इन हालातो को बढ़ने से रोका जाए लेकिन ऐसा हो नही पा रहा है. अब इसके पीछे कही न कही आपसी राजनीति भी है जो अभी हाल ही ही की मीटिंग में दिखी जिसमे पीएम मोदी ने देश के 30 मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत की.

मुख्यमन्त्रियो संग हो रही बैठक में ममता की राजनीति, मोदी सरकार पर लगाये राजनीति करने के आरोप
पीएम मोदी ने विडियो कांफ्रेस के जरिये मीटिंग इसलिए आयोजित की थी कि सारे राज्य अपने अपने मुख्यमंत्री भेजे और सीएम के बताये अनुसार काम हो सके. आखिर सीएम हालात बेहतर तरीके से बता सकते है. सब मुख्यमंत्रियों ने अपनी अपनी स्थिति बताई भी. कोई प्रवासियों से परेशान था तो कोई बेरोजगारी की भयंकर संभावना बता रहा था लेकिन बंगाल की मुख्यमंत्री अपना अलग ही राग अलापती नजर आयी.

सीएम ममता बनर्जी की जब बोलने की बारी आयी तो उन्होंने कहा कि हम एक राज्य के रूप में इस महामारी से लड़ने की पूरी कोशिश कर रहे है. केंद्र सरकार इस मामले में राजनीति कर रही है जो उन्हें नही करनी चाहिए. हम अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं से भी घिरे हुए है और निपट रहे है. सभी राज्यों को एक सामान महत्त्व दिया जाना चाहिए. ममता बनर्जी ने सिर्फ आरोप ही आरोप लगाये कि केंद्र हमारे साथ राजनीति कर रहा है, सब राज्यों को एक जैसा महत्त्व नही दे रहा है वगेरह वगेरह.

ये सारा मामला तब शुरू हुआ जब बंगाल के रहने वाले मजदूर ट्रेनों के जरिये वापिस अपने घर लौटना चाहते थे लेकिन ममता सरकार उसमे आनाकानी कर रही थी जिससे ममता बनर्जी और अमित शाह की भिडंत साफ़ देखी गयी. इसके बाद से ये मामला तूल पकड़ता गया और इस बार बैठक में भी साफ़ तौर पर नजर आया.