कांग्रेस ने दिया शिवसेना को बड़ा धोखा, उद्धव ठाकरे को बीच रास्ते में फंसाया

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आपको जानकारी तो होगी ही कि इन दिनों में महाराष्ट्र में कांग्रेस शिवसेना एनसीपी पार्टी की सरकार है और ये काफी ठीक ठाक तरीके से चल भी रही है मतलब कोई अधिक दिक्कत वाली बात नही है. या फिर यूँ कहे अब तक नही थी क्योंकि अब बीच सरकार में कांग्रेस ने जो किया है वो उद्धव ठाकरे को एक तरह से चुनौती देने जैसा है जिनके साथ में वो गठबंधन करके बैठे हुए है. ऐसा आखिर हुआ क्या है? चलिए जरा थोडा विस्तार के साथ में जान ही लेते है.

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस ने उतार दिए अपने उम्मीदवार, उद्दव ठाकरे फसेंगे उद्धव ठाकरे
फिलहाल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री जरुर है लेकिन वो सदन के सदस्य या फिर यूँ कहे विधायक नही है. कुछ समय के बाद अगर वो अपनी सदस्यता ले पाने में कामयाब नही हो पाते है तो फिर उनको सीएम की कुर्सी छोडनी पड़ेगी इसी के चलते अब ठाकरे महाराष्ट्र के विधान परिषद् के चनावो में उतरने वाले थे लेकिन उन्हे क्या पताथा कि उनके लिए वहाँ नयी ही मुसीबत इंजतार कर रही है.

कांग्रेस नेता बाला साहेब थोराट ने ऐलान किया है कि जिन दो सीटो पर चुनाव होने है वहां पर कांग्रेस चुनाव लड़ेगी. बाकायदा उन्होंने तो उम्मीदवारो के ऐलान भी कर दिए है. अब इसका मतलब तो यही निकलता है न कि कांग्रेस पार्टी शिवसेना के साथ गठबंधन में रहकर के उद्धव ठाकरे के ही वोट काटना चाह रही है. अब अगर वोट काटेंगे तो ठाकरे के चुनाव हारने की संभावना भी बढ़ेगी और कांग्रेस के कारण ठाकरे चुनाव हार गये तो फिर उनको ये कुर्सी ही छोडनी पड़ेगी जिसके लिये वो बीजेपी को छोड़कर के आये थे.

अब कांग्रेस के ऐसा करने के पीछे का कारण क्या है ये तो पता नही लेकिन इससे इतना तो साफ़ हो जाता है कि महाराष्ट्र में कांग्रेस ने शिवसेना को समर्थन सिर्फ बीजेपी को रोकने के लिए दे रखा है इनके आपस में कोई मतलब ही नही है.