योगी ने लिया ऐसा फैसला, चीन से हजारो कम्पनियां भागकर उत्तर प्रदेश में आ जायेगी

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जब से विश्व स्थिति में चीन के कारण बहुत ही बड़ा बदलाव आया है उसके बाद से ही भारत अब कोशिश कर रहा है कि वो मेनुफक्च्रिंग का हब बने और जापान, यूरोप, कोरिया, अमेरिका की बड़ी बड़ी कम्पनियों को अपने यहाँ प्लांट लगाने के लिए आकर्षित करे लेकिन सबसे बड़ी दिक्कत ये थी कि भारत में कई क़ानून ऐसे है जिनके चलते हुए कम्पनियां यहाँ पर आने से घबराती है क्योंकि भारत में श्रमिक क़ानून काफी कठिन है लेकिन योगी जी ने इसे भी उनके लिए अप्रत्याशित रूप से सरल कर दिया है.

योगी सरकार ने अधिकाँश श्रम क़ानून 3 साल के लिये निलंबित किये, कम्पनियों को मिलेगी भारी सहायता
चीन से निकलने का रास्ता ख़ोज रही कम्पनियों को अपनी तरफ खींचने के लिए योगी आदित्यनाथ की सरकार ने यूपी में मौजूद लगभग 30 के करीब श्रम कानूनों को खत्म कर दिया है. आप ये कह सकते है कि ये अभी तीन वर्ष के लिए निलंबित रहेंगे और अगर इससे फायदा होता है तो इन्हें पूरी तरह से हटाया भी जा सकता है. इससे मजदूरो को मिलने वाला सरकारी संरक्षण कम हो जाएगा उनकी नौकरी की स्थिरता में कमी आएगी लेकिन ये सब दिक्कते छोटी नजर आती है अगर हजारो कम्पनियां यूपी में आ जाती है.

ऐसा होने की स्थिति में नौकरी की स्थिरता या तनख्वाह स्थिर होने या फिर नोटिस देकर के नौकरी से निकालने जैसी कई समस्याओं से कम्पनियां मुक्त रहेगी और अपने हिसाब से हायरिंग आदि कर पाएगी उसमें सरकारी दखल कम होगा. योगी आदित्यनाथ के इस फैसले से चीन में मौजूद फ़िलहाल कम्पनियों में एक नया जोश आ गया है और वो यूपी के बड़े शहरो जैसे नॉएडा और गाजियाबाद आदि की तरफ आ सकती है.

इसके आलावा कम्पनियों को रेड टेप सिस्टम और ब्यूरोक्रेसी से भी दिक्कत है जिसके कारण उनके काम अटके रहते है जिसे भी सरल किया जा रहा है और योगी आदित्यनाथ इस पर पूरे जोर शोर के साथ में लगे हुए है जो नजर भी आ रहा है.