अमित शाह और ममता बनर्जी के बीच शुरू हुआ घमासान, इस वजह से आमने सामने

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फ़िलहाल के दिनो में देश और दुनिया भर में लोगो के बीच में एक तरह का माहौल बना हुआ है जो साफ़ तौर पर नजर आ भी रहा है कि करोना के कारण हालत खराब है. ऐसे वक्त में पक्ष हो या विपक्ष सारे नेता मिलकर के काम कर रहे है और लोगो को बचाने के लिए अपनी तरफ से हर संभव प्रयास भी कर रहे है. मगर लगता है कि ममता बनर्जी ऐसा कुछ भी करने के मूड में नही है और वो सबसे उलटी ही चल रही है जो बंगाल की हालत और खस्ता कर रही है.

मजदूर ट्रेनों से आना चाह रहे है बंगाल, ममता नही दे रही अनुमति
अलग अलग राज्यों की सरकारे अपने अपने राज्यों के मजदूर जो दुसरे राज्यों में जाकर के मजदूरी कर रहे है उन्हें लाने के लिए स्पेशल ट्रेने चला रहे है और उन्हें अपने गाँव लाकर के क्वारंटाइन कर रहे है. इससे उन्हें अपने घर आने का सुकून तो मिलेगा लेकिन ममता बनर्जी अपने ही लोगो के लिए अडंगा डाल रही है और उनकी सरकार केंद्र के इतनी बार अप्रोच करने के बाद भी कोई भी श्रमिक ट्रेन बंगाल में आने के लिए नही दे रही है जिसके चलते अमित शाह ने पत्र लिखकर के अपना गुस्सा जाहिर किया है.

गृह मंत्री शाह ने लिखा है कि बंगाल के प्रवासी श्रमिक भी अपने घर जाने के लिए बैचैन है औरकेंद्र सरकार जाने के लिए सुविधा भी दे रही है. लेकिन हमें बंगाल सरकार से आवश्यकता के अनुरूप सहयोग नही मिल रहा है. बंगाल सरकार इन ट्रेनों को इन प्रवासी मजदूरको को राज्य में आने नही दे रही है जो इनके साथ में अन्याय है. ये भविष्य में उनके लिए ही दिक्कते खड़ी करेगा.

ममता बनर्जी की लीडरशिप में बंगाल में वैसे भी हालत खराब हो गयी है और ऐसे में अगर और लोग और मजदूर ट्रेनों के जरिये बंगाल में आये तो जाहिर तौर पर वो उन्हें संभाल शायद न ही सके मगर कही न कही बंगाल के वो लोग जो बाहर कमाने के लिए गये थे उनके लिए तो मन से ममता पर से भरोसा उठ ही गया.