इस बैंक का लाइसेंस किया गया रद्द, लॉकडाउन के बीच बड़ा कदम

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पिछले कुछ समय में बैंकिंग सेक्टर में हमने कई उठापटक देखी है. पहले पीएनबी में घोटाला, फिर यस बैंक के डूबने की कगार पर पहुंचना और तमाम चीजे लोगो को मन में शंका पैदा करती है. इन सबके बीच में मोदी सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया इन सब चीजो पर कण्ट्रोल जारी रखने के लिए अपनी तरफ से जो बन पड़ता है वो तो करता ही है. इसी बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एक बहुत ही बड़ा एक्सन ले लिया है वो हर किसी को काफी ज्यादा हैरान भी कर ही रहा है.

सीकेपी सहकारी बैंक का लाइसेंस रद्द, ग्राहक देखेंगे थोड़ी परेशानी
सीकेपी सहकारी बैंक गाइडलाइन्स के अनुसार काम नही कर रहा था जिसके चलते इस पर लम्बे वक्त पहले ही प्रतिबन्ध लग गया था और इसकी अवधि बढती चली जा रही थी. अगली अवधि 31 मई की थी लेकिन उससे पहले ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बड़ा एक्शन लेते हुए इस बैंक का लाइसेंस ही कैंसिल कर दिया हहै य्यानी अब यए आधिकारिक तौर पर एक बैंक ही नही रहा है. इससे ग्राहकों को थोड़ी परेशानी जरुर हो सकती है. इसके अलावा बैंक की 485 करोड़ की एफडी भी अब अधर में लटकी है.

इस बैंक में कुल 1.20 लाख लोगो के खाते थे. हालांकि आम लोगो को ऊतना ज्यादा डरने की जरूरत नही है क्योंकि आरबीआई उनके पैसे को कही खोने नही देगा और ऊपर से 5 लाख रूपये तक तो बैंक खाते में रखे हुए पैसे पूरी तरह से इंश्योर्ड होते है ऐसे में थोडा इंतजार जरुर करना पड़ सकता है लेकिन आम लोगो को जल्द से जल्द इस मामले में मदद मिल जायेगी.

हाँ इतना जरुर है कि लॉक डाउन की सिचुएशन है और लोगो को पहले से ही आर्थिक तंगी है तो इस तरह के एक्शन थोड़ी टेंशन दे सकते है लेकिन फिर भी मोदी सरकार ने वक्त पर बैंक की पहचान कर इसे भविष्य में बड़ा नुकसान करने से रोक दिया वरना एक बड़ी चोट हो सकती थी.