कोरोना पर मोदी सरकार ले आयी अध्यादेश, लिया गया बड़ा फैसला

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इन दिनों सरकार काफी कशमकश में है और हम सब लोग जानते है कि ऐसी स्थिति में कही न कही देश के लोगो के लिए बड़ी ही विकट सी स्थिति पैदा हो गये है और लोग तो परेशान इस हद तक हो गये है कि घर के अन्दर बंद होकर के परेशानी का स्तर आसमान जा पहुंचा है लेकिन सरकार भी ऐसे वक्त में हालात काबू करने के लिए काफी कड़े कदम उठा रही है जिसकी झलक हाल ही में प्रधानमंत्री की केबिनेट की मीटिंग में देखने को मिल गयी.

सांसदों के वेतन में एक साल के लिए 30 प्रतिशत तक की कटौती, सांसद निधि भी दो वर्ष के लिए स्थगित
इन दिनों देश का अधिकतर पैसा कोरोना नाम की इस बीमारी से लड़ने में खर्च हो रहा है और ऐसे में जो लोग संपन्न है वो अपनी सम्पति में वृद्धि करके करेंगे भी क्या? इसी को ध्यान में रखते हुए मोदी केबिनेट में निर्णय लिया गया है कि प्रधानमंत्री समेत सभी सांसदों की तख्वाह में 30 प्रतिशत कटौती एक साल तक के लिये की जाये ताकि इस पैसे से जो आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा हो उसमे हलकी ही सही लेकिन मरहम मिल जाए.

इसके अलावा सांसद निधि को भी आगे दो वर्ष के लिए स्थगित कर दिया गया है. अब आप खुद समझ सकते है कि इस लेवल पर जाकर के अध्यादेश के जरिये फैसले लेने पड़ रहे है तो इसका मतलब साफ़ है कि देश पर जो आपदा आयी है वो काफी बड़ी है और इससे देश को काफी बड़े स्तर का आर्थिक नुकसान पहुँचने जा रहा है जो कई बिलियन डॉलर का होगा ये भी साफ़ तौर पर मालूम चल रहा है.

ये चीज सिर्फ प्रधानमंत्री और सांसदों पर ही नही है बल्कि कई राज्यों में सामान्य कर्मचारियों और अधिकारियों को भी अपनी कुछ तनख्वाह मदद के लिए देनी पड़ी है और वैसे सरकारी काम करने वाले कुछ पैसा इधर खिसका भी देते है तो उनकी जिन्दगी पर ख़ास फर्क पड़ता नही है ये तो साफ़ तौर पर मालूम ही है.