चीन की कोरोना से लड़ने की नयी तकनीक सामने आयी, दुनिया के लिये हो सकती है मददगार

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इन दिनों में जिस तरह इस चीन के कारण दुनिया भर में लोगो की हालत खराब हो गयी है वो अपने आप में बड़ी ही चिंता की बात है. दुनिया में लाखो लोग इसकी चपेट में आ गये है और सबसे बड़ी बात ये है कि भारत में भी धीरे धीरे ये पाँव पसारने में लगा हुआ है जो कि वाकई में परेशानी खड़ा करने वाला है. इसके लिए तरह तरह से दवाइयां प्रयोग में लाई जा रही है और वैक्सीन का काम तो लगा हुआ ही है मगर हाल ही में चीन की एक तकनीक लीक हुई है जो कारगर साबित हो सकती है.

कोवेलेसेंट प्लाज्मा तकनीक से ठीक कर रहे है मरीज, हो सकती है कारगर
अभी इस पूरे मामले को डेली मेल ने उजागर किया है और भारत में इसकी रिपोर्ट इंडिया टुडे ग्रुप की तरफ से प्रकाशित की गयी है जिसके अनुसार चीन में कोरोना के मरीजो को ठीक करने के लिये कोवेलेसेंट प्लाज्मा तकनीक का प्रयोग किया गया है जिससे लोग ठीक हुए भी है और ये कारगर साबित हो रहा है.

अब सवाल ये है कि आखिर ये चीज है क्या? तो दरअसल इसमें उन लोगो के खून का इस्तेमाल किया जाता है जो कोरोना से पहले पीड़ित थे लेकिन बादमे उससे लड़कर उसे हराकर के ठीक हो चुके है. अब उनका शरीर कोरोना के लिए एंटी बॉडी बना चुका है और वो उसके लिए प्रतिरोधी है तो उनके ही ब्लड को उनके शरीर को निकाला जाता है और विज्ञान के नियमो के अनुसार इसे कोरोना से जूझ रहे मरीज के शरीर में डाल दिया जाता है. इस खून में कोरोना से लड़ने वाले एंटीबॉडी और उससे जुड़ा डाटा होता है जो मरीज के शरीर में पहुँच जाता है.

इससे उसके शरीर की स्थिति भी पहले वाले के जैसी ही हो जाती है और उसके शरीर में भी वही एंटी बॉडी बनने लगती है जिसकी मदद से ठीक हुए व्यक्ति ने कोरोना के वायरस को हराया था. यानी आप शरीर के अन्दर खून के साथ रेडीमेड एंटी बॉडी और उसका डाटा डाल रहे है जिससे कि वो शक्तिशाली बन जाए. हालांकि ये काम रिस्की भी हो सकता है मगर जब से मीडिया ग्रुप्स इसे सामने लेकर के आये है उसके बाद दुनिया में उम्मीद की एक नयी किरण जगी है.