प्रधानमंत्री की अपील: इस रविवार को घर से बाहर न निकले, जानिए उनकी कही 10 बड़ी बाते

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इन दिनों देश एक बहुत ही बड़ी समस्या से गुजर रहा है और जो पता नही कब बढ़ जाए इस बात को लेकर के कोई भी अंदाज तक नही लगा सकता है. इस करौना नाम की दिक्कत ने सारी दुनिया को तंग कर रखा है और भारत भी धीरे धीरे इसके जद में आ रहा है. ऐसे में सरकार अपनी तरफ से जरूरी कदम उठा रही है ताकि इससे निपटा जा सके और आप देख भी रहे होंगे कि बाकी जगहों की तुलना में यहाँ पर नुकसान काफी कम हुआ है.

ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी ने देश को आठ बजे आज संबोधित टीवी के माध्यम से किया और इस दौरान उन्होंने कुछ बाते कही है जिन्हें हम सभी को ध्यान में होना बहुत ही ज्यादा जरूरी भी है ताकि सब कुछ सामान्य किया जा सके. चलिए जानते है पीएम मोदी के भाषण के प्रमुख अंश.

  1. अभी देश बहुत ही बड़ी समस्या से गुजर रहा है और इसका इलाज अभी तक विज्ञान के पास नही है. ऐसे में हम ये सोचते है कि नही होगा और हलके में लेते है तो ये खतरनाक है. विकसित देशो में ये चीज हो सकती है तो भारत के लिए भी संकट हो सकता है.
  2. मुझे आपके आने वाले कुछ एक सप्ताह चाहिए, मुझे आपके आने वाले कुछ दिन चाहिए. मेने आज तक आपसे जो भी माँगा है आपने दिया है.
  3. इससे मुकाबला करने के लिए हमें दो चीजो की जरूरत है पहला तो संकल्प और दूसरा संयम.
  4. हम सभी संकल्प ले कि जो भी निर्देश सरकार देगी उसका पालन करेंगे और संयम के साथ में घर में ही रहेंगे.
  5. घर से बाहर निकलने से बचे. बाहर जरूरी हो तब ही निकले. सोशल डिस्टेंसिंग बनाने का प्रयास करे और ऑफिस का काम हो तो वो भी घर से ही करने का प्रयास करे.
  6. जो उच्च आय वर्ग के लोग है वो आम लोगो की गरीबो की तनख्वाह न काटे क्योंकि उन्हें भी अपना पेट पालना है इस बीमारी से बचना है.
  7. मेरी 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगो से रिक्वेस्ट है कि वो कुछ सप्ताह के लिए घर से बाहर न निकले.
  8. मैं आज सारे देश के लोगो से एक समर्थन मांग रहा हूँ. ये है जनता कर्फ्यू. इस रविवार को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक घर के अन्दर ही रहे और न ही कोई ये देखने के लिए बाहर निकले कि कोई बाहर है या नही?
  9. रविवार के ही दिन पांच बजे सभी अपने घरो के बार खड़े हो और थाली घंटी बजाकर के उन डॉक्टरो नर्सो अदि का अभिवादन करे धन्यवाद करे जो हमारे लिए बार खड़े होकर काम कर रहे है.
  10. जरूरी हो तब ही चेक अप के लिए अस्पताल जाए ताकि हॉस्पिटलो पर अधिक दबाव न बढे और वो काम करते रहे. जो आर्थिक नुकसान हो रहे है उन पर भी हमारी नजर है.