राम मंदिर के पक्ष में फैसला देने वाले पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई को मिला मोदी सरकार से बड़ा तोहफा

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रंजन गोगोई का नाम तो आपने सुना ही होगा. काफी लम्बे समय तक वो भारत के सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रहे है और जिस तरह से रंजन गोगोई ने कार्य किया है वो हर मायने में तारीफ़ के काबिल ही कहा जाएगा. उनके फैसले अपने आप में ऐतिहासिक रहे है इस बात में कोई भी संशय नही है और बात करे हम जब राम मंदिर के फैसले की तो वो भी चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने ही दिया था और कही न कही ये अपने आप में ऐतिहासिक था जिसने पूरे के पूरे इतिहास को पलटकर रखा दिया और अब एक अच्छी खबर आयी है.

राज्यसभा के सांसद होंगे रंजन गोगोई, राष्ट्रपति ने किया मनोनीत
आपको मालूम ही होगा कि राष्ट्रपति के पास में अधिकार होता है कि वो राज्यसभा के लिए एक सदस्य को नामित कर सकते है और इस बार राष्ट्रपति कोविंद ने पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई को नामित किया है यानी अब रंजन गोगोई राज्यसभा में मनोनीत किये जाने वाले सांसद होंगे जिनके पास में भी उतनी ही पॉवर होगी जितनी कि एक चुनकर के आने वाले सांसद के पास में होती है.

अब रंजन गोगोई को नामित तो कर दिया गया और इससे कई लोग खुश भी है क्योंकि उन्होंने उनके पक्ष में फैसला जो दिया था लेकिन कई पार्टियां नाराज है और कांग्रेस इसमें सबसे आगे है. कपिल सिब्बल ने तो ये तक कह दिया कि रंजन गोगोई खुदकी इमानदारी से समझौते के लिए याद किये जायेंगे. ओवैसी ने तो ये सवाल तक खड़ा कर दिया कि क्या रंजन गोगोई को ये इनाम मिला है और अभिषेक मनु सिंघवी ने तो तंज कसते हुए कह दिया कि तुम मेरे वैचारिक हक में फैसला दो मैं तुम्हे राज्यसभा सीट दूंगा.

अब ये सब तो होना ही था लेकिन मोदी सरकार भी खरी है और अगर कोई फैसला ले लिया तो उस पर टिकी ही रहती है चाहे उसका कोई कितना ही विरोध क्यों न कर रहा हो? खैर रंजन गोगोई का अभी इस पर कोई बयान नही आया है.