सिंधिया के बीजेपी में जाते ही कांग्रेस के पास बहुमत नही, लेकिन सरकार बचाने के लिये चल दी ऐसी चाल

308

ज्योतिरादित्य सिंधिया जब से भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में चले गये है उसके बाद से ही कमलनाथ के पास से विधायको का एक बहुत ही बड़ा सपोर्ट हट चुका है जो कि साफ़ तौर पर नजर आ रहा है.ऐसी स्थिति में कब कमलनाथ की सरकार गिर जाए ये पता नही. मगर इसके लिए कमलनाथ को फ्लोर टेस्ट तो करवाना होगा. जब ऐसे में अल्पमत में वो आयेंगे तभी तो उनकी सरकार गिरेगी मगर इससे बचने के लिए फ़िलहाल कांग्रेस पार्टी ने एक और अनोखा तरीका खोज निकाला है.

करोना का बहाना बनाकर विधानसभा 26 तक स्थगित करवा दी गयी
कमलनाथ की सरकार को आज यानी 16 मार्च को राज्यपाल के आदेश के अनुसार  कमलनाथ सरकार को बहुमत साबित करना था और जाहिर सी बात है कि कमलनाथ के पास में अगर विधायक नही है तो फिर कही से भी ये होना सम्भव नही है मगर इसका भी तोड़ निकाला गया और स्पीकर ने मन से किया या फिर कांग्रेस से नजदीकी के चलते किया लेकिन फ्लोर टेस्ट से पहले ही विधानसबह स्थगित कर दी गयी है और कारण कोरोना का दिया गया है. अब 26 को विधानसभा फिर से खुलेगी तब तक बीजेपी के लिए भी सभी विधायको को संभालना एक चुनौती है.

अब कमलनाथ को 10 दिन का टाइम मिल गया है जिसमे वो फिर से विधायको को तोडकर के अपने पाले में लाने का प्रयास जरुर करेंगे और बीजेपी के लिए उन्हें अपने पास बनाये रखने की चुनौती है. हालांकि सभी विधायको का तो यही कहना है कि वो सिंधिया जी के पीछे हर हाल में है और आगे भी बने रहेंगे इसके लिए वो किसी भी कीमत को चुकाने के लिए तैयार है और सिंधिया स्वयं भी कह ही दिया है कि वो अब बीजेपी के लिए ही काम करने वाले है.

ऐसे में कमलनाथ ने चाहे कोरोना की मदद से अपनी दस दिनों के लिए सरकार तो बचा ली है लेकिन ये सब कितने लम्बे समय तक चल सकेगा ये कोई भी नही कह सकता है. कमलनाथ जिस तरह फ्लोर टेस्ट से भाग रहे है सके बाद तो ये शक और पक्का हो जाता है.