कोर्ट ने दिया था योगी सरकार को वसूली वाले पोस्टर हटाने का आदेश, अब योगी ने नया खेल कर दिया

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योगी आदित्यनाथ वो नेता है जो अपने आप में बड़े ही ख़ास तरीके की राजनीति करते है. वो कभी भी ये सोचकर के कोई फैसला करते हुए नजर नही आते है कि इसका परिणाम क्या होगा? आपको मालूम तो होगा कि पिछले कुछ दिनों में यूपी में जिन लोगो ने तोड़फोड़ की थी उनके साथ में क्या कुछ हुआ? योगी सरकार ने न सिर्फ उनसे वसूली करनी शुरू कर दी बल्कि जिन जिनके सबूत मिले उनके फोटो पोस्टर में लखनऊ में एक बड़े होर्डिंग पर लगा दिए गये. अब वसूली को गलत बताने से लेकर होर्डिंग पर भी सवाल खड़े किये जा रहे थे कि ये गलत है, इससे सब काम बीच में रूक रहा था.

योगी सरकार ने पास कर दिया रातो रात अध्यादेश, अब कानूनी तौर पर जैसा चाहते है वैसा करना सम्भव
अब योगी सरकार ने अपनी जरूरत के मुताबिक़ एक अध्यादेश पारित कर दिया है जिसके अनुसार अपने प्रशासनिक ढाँचे के अनुकूल वो सार्वजनिक सम्पति और किसी और की निजी सम्पति को नुकसान पहुंचाने वाले से हर्जाना वसूल कर सकेंगे. अब इस अध्यादेश में और क्या क्या है क्या इससे पोस्टर हटाने वाले मामले में भी योगी सरकार को खुली छूट मिल जायेगी ये तो आने वाले वक्त में ही साफ़ हो पायेगा.

मगर अब इस नए अध्यादेश के तहत योगी सरकार को एक नयी शक्ति मिल गयी है जो उन्हें कोर्ट के हस्तक्षेप से काफी हद तक बचायेगी और वो अपने हिसाब से काम कर पायेगी. हालांकि वकील प्रशांत भूषण ने इसे पूरी तरह से असंवैधानिक बताया है और कहा है कि ये जो भी हो रहा है वो गलत है.

दूसरी तरफ योगी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के ही एक कथन का हवाला देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने ही कहा था कि किसी से हर्जाना या फिर वसूली हो तो किसी आधार पर होगी? इसके लिए क़ानून होना चाहिए और सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करते हुए ही हमने ये अध्यादेश पारित किया है जिसे बादमे क़ानून का रूप दे दिया जाएगा. कई लोग उनके इस फैसले की तारीफ़ कर रहे है.