सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने पर शिवसेना का बड़ा बयान, कांग्रेस को कही कड़वी बाते

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अब मध्यप्रदेश में जो कुछ भी होना था वो तो हो ही चुका है. ज्योतिरादित्य सिंधिया अपना पाला बदल चुके है और अपने इस नए फैसले से वो तो काफी खुश है लेकिन कान्ग्रेस में खलबली मची हुई है क्योंकि अब जब कभी भी बहुमत साबित करने की बात आयेगी तो ज्योतिरादित्य और उनके विधायक तो कमलनाथ को सपोर्ट नही करेंगे और सरकार सीधे तौर पर गिर ही जायेगी जो काफी चिंता का विषय कांग्रेस के लिए है. अब हुआ सो हुआ लेकिन इस पर टीका टिप्पणी करने वाले लोग भी तो खूब मिलेंगे और ये होने भी लगी है.

शिवसेना ने कांग्रेस को दिया ताना, सिंधिया को इनारे करके गलत किया
मध्य प्रदेश में जो कुछ भी घटनाक्रम हुआ उसके बाद में शिवसेना ने इस पर अपने मुखपत्र सामना में लिखा और लिखते हुए कहा राजनीति में दिग्विजय सिंह और कमलनाथ को ऊपर रखना जरूरी थी क्योंकि वो वरिष्ठ नेता है लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया को बिलकुल किनारे करना भी ठीक नही था. जब वरिष्ठ नेता नाकाम हो जाए तो युवाओं को आगे बढ़ने का मौक़ा मिलना ही चाहिए. इसके बाद उन्होंने राजस्थान का जिक्र करते हुए कहा कि वहाँ पर पायलट भी ऐसा ही कुछ कर सकते है.

हालांकि इसके बाद में शिवसेना ने अपना बखान किया कि चाहे बाकी लोग टूट जाए लेकिन यहाँ पर महाराष्ट्र में कोई भी नही टूटेगा इसलिए बीजेपी यहाँ पर कोशिश न करे. हाँ ये जरुर है कि उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस के लिए और इसके वरिष्ठ नेताओ के लिए काफी ज्यादा कडवे बोल बोल दिए है जिसका असर उनके महाराष्ट्र के गठबंधन पर पड़ता है ये फिर नही ये तो आने वाला वक्त ही बता पायेगा.

खैर अब टिप्पणियाँ तो होगी और लोग बाते भी करेंगे क्योंकि कही न कही दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के दंभ के कारण ये सरकार अचानक से गिरने के कगार पर आ गयी है और बीजेपी के लिए एक सुनहरा मौक़ा है जिसका फायदा उठाकर के वो किसी भी पल सत्ता पर आसीन हो सकती है.