अब अपनी सरकार बनाने के लिये कमलनाथ ने चल दी ये नयी चाल

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फ़िलहाल के दिनों में मध्य प्रदेश बड़े राजनीतिक संकट से जूझ रहा है और क्या हुआ है ये तो हम सभी लोग अच्छे से देख ही रहे है. सिंधिया अचानक से अपने विधायको को लेकर के बीजेपी के पाले में चले गये है और इसके बाद में कमलनाथ सरकार अल्पमत में चली गयी है और जाहिर सी बात है कि जब फ्लोर टेस्ट की बात आयेगी तो इस सरकार के गिर जाने के चांस काफी ज्यादा होंगे. मगर अब इसे बचाने के लिये कमलनाथ ने एक और नयी कोशिश कर दी है या फिर यूँ कहे चाल चल दी है.

इस्तीफा देने के बावजूद स्पीकर ने नही किया स्वीकार, की जा रही किसी न किसी तरह टालमटोल
ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत उनके समर्थन वाले लोग विधानसभा से इस्तीफा दे चुके है लेकिन स्पीकर के द्वारा तरह तरह से टालमटोल की जा रही है अब स्पीकर उनके द्वारा बनाया गया है तो जाहिर तौर पर वो तिकडम लगाने में कमलनाथ की मदद तो करेंगे ही. कभी ये कहा जा रहा है कि जो इस्तीफा लिखा जा रहा है उसमे कुछ मिस्टेक है.

कभी नोटिस जारी करके स्पीकर के द्वारा पूछा जा रहा है कि सभी विधायक बताये कि ये इस्तीफा उन्होंने दबाव में दिया है या फिर अपनी मर्जी से दिया है? यही नही कभी तो ईमेल जैसे तरीको से इस्तीफा स्वीकार नही किया जाएगा. स्पीकर की मदद से कमलनाथ सरकार इस तरह के दांव खेल रही है ताकि वो लोग विधायक बने रहे और अगर वो बने रहते है तो बीजेपी बहुमत में नही आ पाएगी और न ही सरकार बना पायेगी. इसी बीच कमलनाथ या उनके आदमी उनसे कांटेक्ट करके उन्हें फिर से अपने पाले में खींचने की कोशिश कर रहे है.

हालांकि विधायको का कहना है कि कोई कितने भी तरीके इस्तेमाल कर ले लेकिन हम सिंधिया जी के साथ है और वो जैसा कहेंगे हम वैसा ही करेंगे और उन्ही के साथ में है. हालांकि कमलनाथ तो सरकार बचाने के लिए जो कोशिशे कर सकते है वो जारी रखेंगे बस सिंधिया को डटकर खड़ा रहना पड़ेगा.