लन्दन भाग चुका था यस बैंक का संस्थापक राणा कपूर, मोदी सरकार ने ऐसे फंसाकर बुलाया

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इन दिनों देश का काफी बड़ा निजी बैंक यस बैंक मुसीबतों से जूझ रहा है और लाखो करोडो लोगो का पैसा उसमे फंस चुका है. यस बैंक का एनपीए इतना ज्यादा हो चुका था जिसकी भरपाई एक बार के लिए संभव ही नही था और ऐसे में कही ने कही एक चीज तो थी ही कि जिसने ये सब किया हो उसे पकड़ा जाए. राणा कपूर ने डिपोजिटर और इन्वेस्टर के पैसे मनमर्जी से लोन पर बांटे और फिर कम्पनी से शेयर बेचकर के बाहर हो गये. अब वो कम्पनी में वापसी चाहते थे लेकिन टेंशन के चलते लन्दन चले गये थे.

राणा के कान में पहुंचाई यस बैंक में उन्हें वापिस लेने की खबर, लालच में भारत लौट आये
जांच एजेंसियों और आरबीआई को जब इस पूरे खेल का पता चला तो उन्होंने राणा को पकड़ना चाहा लेकिन वो पहले ही लन्दन जा चुका था. ऐसे में उन्होंने सूत्रों की मदद से राणा कपूर के कानो में खबर पहुंचाई कि सरकार उनकी यस बैंक में वापसी करवाना चाहती है और सब ठीक करवाना चाह रही है. इसी लालच में राणा कपूर वापिस आये फिर जांच के दौरान उन्हें धर दबोचा गया.

अब प्रवर्तन निदेशालय को जब इस पूरी जानकारी का पता चला तो उन्होंने कोर्ट से आदेश लेकर के फ़िलहाल राणा को अपनी कस्टडी में ले रखा है जहाँ पर उनसे सारे राज उगलवाये जा रहे है. राना कपूर की एक बेटी भी भागने की फिराक में थी लेकिन उसे भी एयरपोर्ट से ही पकड़ लिया गया और उसके पासपोर्ट को फ़िलहाल के लिए जब्त कर लिया गया है यानी वो कही और नही जा सकती है. ये कही न कही जरूरी भी था.

अब देखा जाए तो मोदी सरकार की चुस्ती की वजह से देहस में एक और विजय माल्या या नीरव मोदी बनने से बच गया. हालांकि राणा कपूर को अगर तरीके से न पकड़ा गया होता तो शायद वो आज कस्टडी में नही बल्कि विजय माल्या का पड़ोसी बनकर के लन्दन में बैठा होता.