उद्धव ठाकरे ने लिया अब ये हिन्दुवादी फैसला, जिससे नाराज हो जायेगी एनसीपी और कांग्रेस

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अब महाराष्ट्र में एक नए किस्म की सरकार बनी हुई है जिसके अपने एजेंडे है और कही न कही इस सरकार के अन्दर जो भी दल है उनके काम करने का तरीका भी अलग ही है जिसके बारे में हम लोग जानते ही है मगर एक बात ये है कि चाहे शिवसेना अब बदल गयी है लेकिन इसके मूल में तो जो है वो नजर आ ही रहा है और हम उसी के बारे में बात कर रहे है क्योंकि उद्धव ठाकरे ने भी नाम बदलने की राजनीति में भाग लेना शुरू कर दिया है.

औरंगाबाद एयरपोर्ट का नाम बदलकर छत्रपति साम्भाजी एयरपोर्ट किया गया
शुरू से ही देश में नाम बदलने की परम्परा रही है. हर कोई अपने आपको ग्लोरिफाई करने वाले नाम पर नामकरण करता है. आपको मालूम तो होगा ही कि बीजेपी ने भी हाल ही में गुडगाव का नाम बदलकर के गुरुग्राम कर दिया था और इलाहाबाद का नाम बदलकर के प्रयागराज कर दिया. इसी रेस में अब ठाकरे भी शामिल हो गये है और उन्होंने औरंगाबाद एअरपोर्ट का नाम बदलकर के छत्रपति साम्भाजी एअरपोर्ट कर दिया है. ये कार्य उन्होंने अभी हाल ही में कुछ घंटो पहले ही किया है.

आपको बता दे औरंगाबाद मुस्लिम शासको के द्वारा दिया गया नाम है और इसी पर ही इस एअरपोर्ट का भी नाम था जिसे उनकी शान का प्रतीक माना जाता रहा है लेकिन उद्धव ठाकरे ने इसका नाम बदलकर के एक हिन्दू राजा छत्रपति साम्भाजी महाराज के नाम पर कर दिया है. इस पर जाहिर तौर पर कांग्रेस और एनसीपी नाराज होगी क्योंकि वो सेकुलरिज्म का झंडा बुलंद किये है और उनकी ही समर्थन वाली सरकार ने इस तरह का फैसला ले लिया और वो कुछ कर भी नही सके.

खैर जो भी है कई मुद्दे है जैसे सीएए, आरक्षण आदि जिन पर अभी भी एनसीपी और शिवसेना की नही बनती है और अगर ऐसी ही दूरियां बनी रही तो कभी न कभी इन्हें लेकर के टकराव होगा और जब होगा तब सीधे तौर पर सरकार गिरने की नौबत भी आ ही जायेगी.