अपनी सरकार गिरने से बचाने के लिए कमलनाथ ने लिया ये फैसला

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इन दिनों में मध्य प्रदेश में बहुत ही अलग तरह की राजनीति हो रही है. कांग्रेस और बीजेपी के बीच में सत्ता पाने की होड़ लगी हुई है. अब बाहर चाहे इस पर कोई भी खुलकर के नही बोले लेकिन अन्दर ही अन्दर अधिकतर मामलो में जो हो रहा है वो साफ नजर आता है. इधर कांग्रेस और निर्दलीय विधायक कभी गुरुग्राम भागते है, कभी बैंगलोर नजर आते है तो कभी नरोत्तम मिश्रा से मिलते है जो बीजेपी विधायक है, इन सबके बीच एक कांग्रेस विधायक ने इस्तीफा तक दे दिया है. इसके बाद कमलनाथ हरकत में आये है.

सभी विधायको को तुरंत प्रभाव से भोपाल आने को कहा, बागी विधायको को पद का लालच देने की संभावना
सरकार और सत्ता हाथ से फिसलते हुए देखकर के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सभी के सभी विधायको को भोपाल आने के लिए कहा है और वो सभी से मिलेंगे. उन्हें मामला शांत होने तक भोपाल छोडकर के न जाने के लिए भी कहा गया है. इसके अलावा मीडिया रिपोर्ट्स में कई जगहों पर ऐसी खबरे भी देखने को मिली है कि कमलनाथ बागी और नाराज विधायको को मंत्री पद का लालच देकर के मनाने की कोशिश कर सकते है.

अब कमलनाथ कोशिशे तो खूब कर रहे है लेकिन एमपी की सरकार बुरी तरह से लडखडा रही है और हर कोई ये बात समझ रहा है. ऐसे में यहाँ का तो भगवान् ही मालिक है, अगर महज कुछ और विधायक विधानसभा और कांग्रेस को छोड़ देते है तो ये सत्ता भरभराकर गिर पड़ेगी और कही न कही ये कांग्रेस के लिए बहुत ही बड़ा झटका होगा क्योंकि अभी पार्टी की केंद्र में तो सत्ता दूर की बात है महज कुछ एक राज्यों में भी बड़ी मुश्किल से टिकी हुई है और ये भी हाथ से निकल जायेगा.

वही भाजपा का कहना है कि इसमें वो क्या कर सकते है? कांग्रेस में ही अन्दर बहुत सारी कलह है और कई सारे गुट बन गये है जिसके चलते उनके विधायक खुद हम से संपर्क करते है और पंद्रह से बीस विधायक हम से संपर्क में है.