शरद पवार ने इस मामले में अब उद्धव ठाकरे को बुरा फंसा दिया है

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महाराष्ट्र में फिलहाल गठबंधन की सरकार चल रही है जिसमे दो नही बल्कि तीन तीन पार्टियां हिस्सेदार है और ये अपने आप में गजब ही है. इसकी मदद से फ़िलहाल वो मुख्यमंत्री तो बने हुए है लेकिन इस तख़्त में उन्हें कही न कही चुभन होने लगी है और उसके पीछे का कारण कही न कही दोनों ही पार्टियों के अलग अलग एजेंडे है जिनका एक साथ चल पाना काफी ज्यादा मुश्किल होता है और ये चीज तो माननी पड़ेगी. हाल ही में इसी वजह से उद्धव ठाकरे काफी बुरी तरह से फंसे हुए है.

एनसीपी नेता कर रहे है लगातार मुस्लिमो को 5 प्रतिशत आरक्षण देने का दावा, शिवसेना नेता कर रहे फ़िलहाल ऐसा कुछ भी होने से इनकार
एनसीपी का मूल वोट बैंक मुस्लिम समाज है और उन्हें खुश करने के लिए वो लगातार कोशिश कर रहे है कि मुस्लिमो को पांच प्रतिशत आरक्षण दे दे. नवाब मलिक और कई एनसीपी नेताओं ने ऐसा दावा किया है कि वो और उनकी सरकार मुस्लिमो को पांच आरक्षण देने जा रही है. इस बात पर जब हल्ला हुआ तो भाजपा ने ठाकरे को घेरना शुरू कर दिया और उन पर ऐसी राजनीति करने के आरोप लगाये. शिवसेना इस फैसले से कतरा रही है क्योंकि इससे उनका मूल मराठी वोटबैंक खिसक सकता है.

अब उद्धव ठाकरे ने खुद ऐसी कोई भी जानकारी होने से इनकार कर दिया और कहा कि अभी तक ऐसा कोई भी प्रस्ताव नही आया है और कुछ ऐसा होगा तो उस पर आगे विचार किया जाएगा. जहाँ एक तरफ बाकी के नेता कह रहे है कि ऐसा करने जा रहे है और ठाकरे कह रहे है मुझे तो पता ही नही है. बीजेपी इस पर कह रही है कि नाटक चल रहा है और उद्धव ठाकरे इस पर जवाब नही दे रहे है.

कुल मिलाकर के इतना कह सकते है कि उद्धव ठाकरे काफी बुरी तरह से फंस चुके है शरद पवार के एजेंडे के आगे उनकी छवि ध्वस्त होती जा रही है और अगर वो एनसीपी के कहे फैसलों से पीछे हटते है या फिर मना करते है तो जाहिर तौर पर शरद पवार समर्थन खींच लेंगे और सरकार गिर जायेगी.