महाराष्ट्र की राजनीति में चाचा भतीजा फिर आमने सामने, अजित पवार और शरद पवार में इस वजह से झगड़ा

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एनसीपी के दो धड़े है जिनमे से एक मुख्य पक्ष है जो कि शरद पवार का है और एक अतिरिक्त पक्ष है जो अजित पवार का है और इनके बीच में जो वैचारिक अंतर है वो साफ़ तौर पर कई बार देखा जा चुका है. अजित पवार ने तो इससे पहले भी शरद पवार को धोखा देकर के बीजेपी संग सरकार बनाने तक में भी कोशिश की थी हालांकि वो कामयाब नही हो सके वो अलग बात है. अब इतने समय के बाद में ये चाचा भतीजा एक दुसरे के आमने सामने एक बार फिर से खड़े हुए नजर आ रहे है.

शरद पवार सीएए के खिलाफ, अजित ने कहा इससे किसी को खतरा नही है
एक तरफ शरद पवार लगातार ये बयान दे रहे है कि वो सीएए और एनपीआर के पक्ष में नही है, ये ठीक नही है और दूसरी तरफ उसी गठबंधन में उद्धव ठाकरे ने कहा है कि वो सीएए और एनपीआर के पक्ष में है. अब अजित पवार ने भी उद्धव ठाकरे का समर्थन करते हुए अपने चाचा शरद पवार को ठेंगा दिखा दिया है. अजित पवार ने साफ़ तौर पर कहा है कि सीएए और एनपीआर से किसी की नागरिकता नही जायेगी. उन्हें इसे लागू करने से कोई समस्या नही है.

हालांकि ये वैचारिक मतभेद जो दोनों ही पवार के बीच में पैदा हुए है वो खुलकर के सामने नही ये है मगर इनके बयान साफ़ तौर पर बता देते है कि एक पूर्व की सोचता है तो दूसरा पश्चिम में जाने की सोचता है,  बस दोनों के लिए कही न कही राजनीतिक परिस्थितियों के चलते एक साथ बने रहना कही न कही मजबूरी के तौर पर देखा जाता है. खैर अब आगे क्या कुछ होता है ये तो आने वाला वक्त ही बतायेगा.

आपको बता दे महाराष्ट्र ही नही बाकी कई राज्यों की सरकारे भी इस पर कही न कही सहमति जता चुकी है और बाकी राज्यों में भी केंद्र सरकार अपने तरीको से प्रयास कर रही है ताकि जल्दी से जल्दी इस क़ानून को लागू किया जा सके.