अब दिल्ली पुलिस के चंगुल में फंस गया कन्हैया कुमार

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कन्हैया कुमार भारतीय राजनीति में वो नाम है जो अचानक से कुछ नारों के साथ में उठा था और फिर देखते ही देखते फड़फड़ाते हुए बेगूसराय में बुझ भी गया जो सभी ने देखा भी था. अगर आपको जानकारी न हो तो बता दे कन्हैया कुमार पर आरोप है कि उसने जेएनयू केम्पस में भारतविरोधी नारे लगाये या फिर उसके समर्थन में नारे लगे. इसके बाद में उसके ऊपर देशद्रोह की धाराओं के अंतर्गत केस भी दर्ज हुआ था मगर देशद्रोह का मुकदमा चलाने के लिए राज्य सरकार से मंजूरी लेनी होती है जो केजरीवाल सरकार ने लम्बे समय से दी नही थी.

केजरीवाल सरकार ने दी कन्हैया पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मंजूरी, पुलिस करेगी अब अपनी कार्यवाही
पिछले लगभग तीन साल से दिल्ली पुलिस कन्हैया कुमार पर मुकदमा चलाने का प्रयास कर रही है लेकिन उसमे केजरीवाल सरकार की मंजूरी जरूरी थी. पहले तक दिल्ली पुलिस को ये मंजूरी मिल नही रही थी लेकिन अब सतेन्द्र जैन ने ये मंजूरी दे दी है जिनके पास दिल्ली का गृह विभाग हुआ करता है और अब पुलिस कोर्ट में मुकदमा ले जा सकेगी और समभव हुआ तो कन्हैया को अरेस्ट भी कर सकेगी.

ये मुकदमा पटियाला हाउस कोर्ट में चलेगा जहाँ पर जेएनयू केम्पस में उन रातो को क्या हुआ था और उसमे कन्हैया कुमार की क्या भूमिका थी? इस पर बहस होगी और कोर्ट सारी बाते सुनने के बाद में अपनी तरफ से सजा भी तय करेगा. हालांकि इन चीजो को अब साबित करना काफी मुश्किल होगा क्योंकि इस बात को सालो साल बीत चुके है और इतने वक्त में सबूत से लेकर गवाह भी धुंधले पड़ने लगते है मगर फिर भी अब पुलिस अपने काम करने के लिए स्वतंत्र है ये बड़ी बात है.

माना जा रहा है कि दिल्ली में हाल ही में जो कुछ भी हुआ है और उसमे जामिया जैसे विश्वविद्यालयो की भूमिका सामने आयी है उससे प्रेशर में आकर के केजरीवाल सरकार ने कन्हैया कुमार पर मुकदमा चलाने की अनुमति दी है, वरना ये अनुमति तो आज से सालो साल पहले भी दी जा सकती थी.