इस कारण से अमित शाह ने अजित डोभाल को दिल्ली के इलाको का दौरा करने भेजा

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फ़िलहाल के दिनों में जो कुछ भी हो रहा है और देखने में आ रहा है वो कोई सामान्य चीज नही है. देश की राजधानी में अन्धकार मच गया जिसमे प्रशासन कुछ कर तक नही पाया. कई लोगो की जाने चली गयी और बहुत सारे लोग अस्पतालों में जूझ रहे है, तकलीफ देख रहे है. पहले सब कुछ दिल्ली पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक के हाथ में था लेकिन उनसे संभलता न देखकर सब कुछ एसएन श्रीवास्तव को सौंप दिया गया जो मोदी और शह के भरोसेमंद आईपीएस अफसर माने जाते है, इसी के साथ डोभाल भी दिल्ली के कई इलाको का दौरा करते दिखे.

निजी तौर शाह के भरोसेमंद है डोभाल, पहले भी मुश्किल घड़ी से निकालकर खुदको साबित कर चुके है
दिल्ली के कई इलाको में अजित डोभाल घुमते हुए नजर आये और उन्होंने वहाँ के लोकल लोगो से बातचीत भी की. दरअसल अजित डोभाल मोदी और शाह के निजी तौर पर भरोसेमंद माने जाते है और ऐसे मौके पर उन्हें ही याद किया जाता है. कश्मीर से जब अनुच्छेद 370 हटाया गया तब भी सरकार ने पूरा कश्मीर अजित डोभाल के भरोसे छोड़ दिया था और उन्होंने वाकई में सब कुछ संभाल भी लिया था.

इसके अलावा वो मुस्लिम इलाको में बतौर जासूस रह चुके है और कई साल गुजारने के बाद वो वहाँ की रग रग से वाकिफ है जिसके चलते वो किसी भी अन्य अफसर से बेहतर वहां के लोगो के अन्दर क्या चल रहा है उसे भांप पाने में कामयाब होते है. इसी कारण से डोभाल को भेजा गया और वो पूरे इलाके का मुआयना करके वापिस सरकार के पास पहुंचे ताकि आगे क्या किया जा सकता है उस बारे में जानकारी दी जाये.

उन्हें वैसे भी भारत के जेम्स बांड की संज्ञा दी जाती है और जिस तरह का उनका वफादारी से भरा हुआ इतिहास रहा है उसके बाद में तो कोई भी सरकार उन्हें ऐसा मौका देगी ही देगी. उनका एनएसए के तौर पर कार्यकाल पूरा होने के बाद में एक बार फिर से उन्हें यही पद दिया गया है क्योंकि वो इस पर अच्छा काम कर रहे है.