इंदिरा गांधी के रास्ते पर चले कमलनाथ, दिया ये इमरजेंसी जैसा फरमान

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कांग्रेस वैसे तो काफी कमजोर पार्टी हो चुकी है लेकिन आज भी कई राज्यों मे ये सत्ता में है और अच्छे से सब कुछ काबू में भी किये हुए है जिसके चलते हुए शासन कर पा रही है और काफी अच्छे से कर रही है. मगर आज भी कांग्रेस पर एक इमरजेंसी का धब्बा तो है ही जिसके कारण कही न कही देश को बहुत ही ज्यादा नुकसान और तकलीफ झेलनी पड़ी थी. अभी कमलनाथ सरकार ने भी एक ऐसा ही आदेश जारी कर दिया है जिससे एक बार फिर से वही यादे ताजा कर दी जो इमरजेंसी के वक्त की याद दिला देती है.

जिला हेल्थ वर्कर्स को 5 से 10 लोगो की नसबंदी करवाने का आदेश, नही करवाने वालो को तनख्वाह नही मिलेगी
मध्य प्रदेश में वैसे तो परिवार नियोजन कोई नयी चीज नही है और इसके तहत 0.6 फीसदी तक पुरुषो की नसबंदी करवाई जाती है मगर जैसा कि हम लोग जानते है लोग ये करवाने में इच्छुक नही होते है तो इतने ज्यादा लोगो की नसबंदी करवा पाना संभव अभी होता नही है. ऐसे में अब सरकार ने जिला हेल्थ वर्कर्स पर प्रेशर बना दिया है.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक़ सरकारों ने लगभग 5 से 10 लोगो की नसबंदी हर जिला हेल्थ वर्कर को करवाने का टारगेट दिया है. ये करना अनिवार्य है और जो एक भी नही करवा पाया उन्हें सरकार तनख्वाह ही नही देगी. यानी उनकी पूरी की पूरी तनख्वाह ही काट दी जायेगी. इंदिरा गांधी की सरकार में भी लोगो की नसबंदी करवाने के लिये इसी तरह के फरमान हेल्थ वर्कर्स को दिये जाते थे और लोगो की जबरदस्ती नसबंदी कर दी जाती थी. हालांकि यहाँ गनीमत ये है कि यहाँ पर अनिच्छुक लोगो की नसबंदी नही करने के लिए कहा गया है.

लेकिन अगर लोगो को तनख्वाह ही नही मिलेगी अगर वो नसबंदियां नही करवा पाए तो ऐसे में सरकारी कर्मचारी अपना टारगेट पूरा करने के लिए गलत रास्ते भी अपना सकते है और ये अपने आप में चिंता का विषय है. कमलनाथ वैसे भी गांधी परिवार के बहुत ही ज्यादा करीब माने जाते है.