एनसीपी और शिवसेना के बीच तकरार बढ़ी, उद्धव ठाकरे ने शरद पवार को दो टूक शब्दों में कही ये बात

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महाराष्ट्र में शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस गठबंधन की सरकार बने हुए काफी महीने बीत चुके है और जो नया नया जोश एकजुटता का बना था तीनो पार्टियों में लगता है वो धीरे धीरे ठंडा होने लगा है क्योंकि हाल ही में कुछ दिनों से शिवसेना और एनसीपी के बीच में कुछ मुद्दों को लेकर के असहमति इतने गहरे स्तर तक जाकर के बनी है कि दोनों ही पार्टीयो के नेता मीडिया में आकर के एक दुसरे के खिलाफ बोलने लगे है और इसका प्रभाव जाहिर तौर पर इनके गठबंधन और उसकी सरकार पर भी पड़ेगा ही पड़ेगा.

भीमा कोरेगांव मामले की जांच एनआईए को सौंपने के खिलाफ थे शरद पवार, उद्धव ठाकरे बोले देशद्रोह मामले में कोई समझौता नही करूंगा
भीमा कोरेगांव मामले में काफी ज्यादा लोगो का नुकसान हुआ था और कईयो की जान भी चली गयी थी. अपने राजनीतिक फायदे के अनुसार एनसीपी चाह रही थी कि इस मामले की जांच राज्य स्तर पर ही हो और एसआईटी गठित करके जांच करवायी जाए लेकिन उद्धव ठाकरे ने इस मामले में किसी की भी एक नही सुनी और ये केस खुद से एनआईए को सौंप दिया जो केन्द्रीय जांच एजेंसी है.

उद्धव ठाकरे ने ये भी कहा कि देशद्रोह के मामले और सामान्य मामले में बहुत ही फर्क होता है. दोनों को एक तराजू में तौलना ठीक नही है. वो इस मामले पर कोई समझौता नही करेंगे. सिर्फ इस मुद्दे पर ही नही बल्कि सीएए पर भी शरद पवार और उद्धव ठाकरे एक दुसरे के आमने सामने आ गये है. शरद पवार इस बात के खिलाफ है कि महाराष्ट्र में नागरिकता संशोधन क़ानून लागू हो और वो इसके खिलाफ राज्य सरकार से प्रस्ताव भी पास करवाना चाह रहे है.

मगर उद्धव ठाकरे ने ऐसा कुछ भी नही किया है बल्कि उन्होंने तो ये कह दिया कि उन्हें सीएए से और एनपीआर से कोई समस्या ही नही है. हाँ एनआरसी लागू होने से लोगो को समस्या है इसलिए इसके विरोध में वो जरुर है. कुल मिलाकर के अब शरद पवार और उद्धव ठाकरे के शोर्ट टर्म में बने रिश्तो में खटास आने लग गयी है.