कांग्रेस के इन दो दिग्गज नेताओं ने अब की गांधी परिवार से खुलकर बगावत

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इन दिनों कांग्रेस पार्टी की हालत बड़ी ही खस्ता हो रखी है और जिस तरह से कांग्रेस लगातार एक के बाद राज्य को हार रही है उसके बाद में आपस में विवाद होना और फ्रस्ट्रेट होना भी लाजमी है मगर विरोध इतना जल्दी होने लग जाएगा और सीधे हमले गांधी परिवार की प्रतिष्ठा पर ही होने लगेंगे ये किसी ने भी नही सोचा था. अब हाई कमान जिस तरह का लाचार नजर आ रहा है उसके बाद तो कुछ ऐसा होना तय ही था. इस बार की कमान संदीप दीक्षित और शशि थरूर ने उठायी है.

संदीप दीक्षित बोले कांग्रेस के लोग ही नही चाहते कि कुछ हो, शशि थरूर ने भी की सही नेतृत्व में चुनाव करवाने की मांग
शीला दीक्षित के बेटे और कांग्रेस के ही नेता संदीप दीक्षित ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करने के दौरान कहा कि इतने महीनो के बाद भी अब तक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मिलकर के एक अध्यक्ष तक नियुक्त नही कर सके है. इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण ये है कि सभी लोग डरते है कि बिल्ली की गली में घंटी कौन बांधे? कांग्रेस के पास नेताओं की कमी नही है अभी भी 6 से 8 ऐसे नेता है जो अध्यक्ष पद संभाल सकते है.

कभी कभार आप खुद ही निष्क्रियता चाहते है और चाहते ही नही है कि कुछ हो और कांग्रेस पार्टी में ऐसा ही कुछ हो रहा है. संदीप दीक्षित ने गांधी परिवार को दरकिनार करते हुए ये भी कहा कि अब जो वरिष्ठ नेता है जो मुख्यमंत्री और राज्यसभा में सांसद रह चुके है उन्हें आकर के फैसले लेने चाहिये. कांग्रेस के दिग्गज नेता शशि थरूर ने भी संदीप दीक्षित की बात का समर्थन करते हुए कहा कि संदीप दीक्षित ने जो कहा है वो पार्टी के दर्जनों नेता निजी तौर पर कह रहे है.

मै सीडब्लूसी से आग्रह करता हूँ कि सही नेतृत्व में चुनाव करवाए और कार्यकर्ताओं में ऊर्जा का संचार करे. सशी थरूर और संदीप दीक्षित ही नही बल्कि और भी कई बड़े बड़े नेता है जो धीरे धीरे गांधी परिवार से छिटक रहे है और ऐसे में पार्टी बहुत ही भारी मुसीबत में पड रही है. अगर गांधी परिवार को लेकर ऐसी खींचतान बनी रही तो पार्टी टूटने की कगार पर भी आ सकती है.