2 मार्च को संसद में आ सकता है ये बिल, जिससे होगा जोरदार बवाल

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मोदी सरकार का दूसरा वर्जन जब से लोगो के बीच में आया है तब से ही एक के बाद एक क़ानून आ रहे है जिनसे कही न कही लोगो के बीच में एक ख़ास विचारधारा का सन्देश गया है जिसे राष्ट्रवाद से जोड़कर के भी देखा जाता है. शाह की अगुवाई में अभी इन दो वर्षो के अन्दर ही तीन तलाक बिल, नागरिकता बिल पारित हुए है और साथ ही साथ में अनुच्छेद 370 को हटाया भी गया है. नागरिकता क़ानून पर तो अभी भी काफी ज्यादा प्रदर्शन चल रहे है और सूत्र बताते है कि सरकार एक और बिल पर काम कर रही है.

यूनिफार्म सिविल कोड ला सकती है मोदी सरकार, बीजेपी के एजेंडे में है शामिल
बजट सत्र काफी सही चल रहा था लेकिन दिल्ली चुनावों के रिजल्ट वाले दिन ही इस पूरे सत्र को 2 मार्च तक के लिये स्थगित कर दिया गया. अब सदन मार्च के पहले सप्ताह में खुलेगा और माना जा रहा है की मोदी सरकार यूनिफार्म सिविल कोड यानी सामान नागरिक सहिंता पर बिल ला सकती है जिसके क़ानून बनते ही धर्म आधारित और लिंग आधारित जो भी बोर्ड या फिर क़ानून है वो स्वतः ही निष्क्रिय हो जायेंगे. ये क़ानून सभी नागरिको के लिए सामान क़ानून की बात करता है.

भारतीय जनता पार्टी के एजेंडे में ये क़ानून लाना एजेंडे का हिस्सा रहा है मगर जिस तरह का विरोध प्रदर्शन देश भर में पिछले आदेशो और कानूनों के चलते हुआ है उसके बाद में आगे की प्रक्रियाओं में देरी हुई है मगर माना जा रहा है कि अब जब सब ठीक होने लग रहा है तो बीजेपी सामान नागरिक सहिंता पर भी बिल जल्द ही लाकर के पास करवा सकती है.

अभी के समय में जो भी वैचारिक सपोर्ट देने वाले क़ानून है वो बीजेपी को जल्द से जल्द पास करवाने होंगे क्योंकि ऐसा समय का ही होता है जब किसी पार्टी के पास में लोकसभा और राज्यसभा दोनों ही जगह पर बहुमत हो. भविष्य में अगर राज्यसभा में बहुमत खो दिया जाता है तो लोकसभा में सत्ता में होते हुए भी क़ानून पास करवाना हाथ में नही रहता और इसी कारण से मोदी और शाह को जल्दी भी है.