केजरीवाल के शपथ ग्रहण में बुलाने पर भी नही गये दिल्ली के सातो सांसद और पीएम मोदी तो कही ये बात

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आज दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल का शपथ ग्रहण समारोह था. काफी भव्य समारोह हुआ जिसमे हजारो की संख्या में लोग मौजूद रहे. केजरीवाल ने अपने केबिनेट भी आज ही के दिन फिर से दिल्ली के सामने रखी और अब वो लगातार तीसरी बार इस गद्दी पर बैठे है. मगर एक बात जो केजरीवाल को खली वो थी कुछ खाली कुर्सियां. दिल्ली के मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह पर पीएम मोदी और दिल्ली के सातों सांसदों को अतिथि के तौर पर न्यौता दिया गया था लेकिन कोई भी नही आया. सब कुर्सियां अंत के समय तक खाली ही रही.

केजरीवाल ने पीएम मोदी से माँगा काम करने के लिये आशीर्वाद, न आने का कारण भी खुद ही बताया
मुख्यमंत्री पद ग्रहण करने के बाद में जब केजरीवाल लोगो को संबोधित कर रहे थे तब उन्होंने बताया कि हमने पीएम मोदी को आमंत्रित किया था लेकिन उनका वाराणसी में पहले से कार्यक्रम निश्चित था इस वजह से वो नही आ पाए. ऐसे में मैं पीएम मोदी और बाकी केन्द्रीय मंत्रियो से चाहता हूँ कि दिल्ली को आगे ले जाने के लिए वो हमें आशीर्वाद दे.

केजरीवाल ने केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करने की बात की और कहा कि केंद्र सरकार के साथ में मिलकर मैं दिल्ली को आगे ले जाना चाहता हूँ, इसे देश का सबसे नम्बर वन शहर बनाना चाहता हूँ. प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम होने की वजह से वो इस समारोह में नही गये मगर दिल्ली के सातो सांसद जो बीजेपी से ही है वो क्यों नही गये इसका कारण अभी स्पष्ट नही है. माना जा रहा है कि प्रवेश वर्मा और मीनाक्षी लेखी समेत कई सांसदों संग केजरीवाल पर ज़ुबानी जंग इतनी ज्यादा बढ़ गयी थी कि अब उन्होंने इस समारोह में ही हिस्सा नही लिया.

हालांकि केजरीवाल नरेंद्र मोदी को लेकर के अब कुछ ज्यादा ही सॉफ्ट हो गये है जिसके पीछे का कारण है मोदी की लोकप्रियता. मोदी को कोसने से केजरीवाल की लोकप्रियता में कई अंको की गिरावट आयी थी जिससे बचने के लिए अब केजरीवाल ने पीएम मोदी को टारगेट करना ही छोड़ दिया है.