दिल्ली में चुनाव हार गयी भाजपा, लेकिन अब एक खुशखबरी भी आयी है

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दिल्ली में चुनावी मौसम सिमट गया है और इसके सिमटने के बादमे अब कही न कही दुसरे राज्यों पर निगाही डाली जायेगी लेकिन उससे पहले कुछ और भी जानने की जरूरत है और वो बात ये है की भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली में एक तरीके से जबरदस्त वापसी की है. वो जीत के मामले में या फिर सीट के मामले में चाहे न हो लेकिन वोट प्रतिशत के मामले में ऐसा जरुर हुआ है. इससे अगले चुनावों में बीजेपी के जीत जाने की संभावना बढती है. अब ये सब कैसे है और किस तरह है? चलिए समझते है.

भाजपा के वोट शेयर में 6 प्रतिशत की ऐतिहासिक बढ़ोतरी, नजफगढ़ में 21 परसेंट तक बढ़ गया
भारतीय जनता पार्टी की सीट्स चाहे इच्छा के अनुसार बढ़ नही पायी हो लेकिन वोटर बीजेपी की तरफ आकर्षित हुए है. इस बार दिल्ली में बीजेपी को ओवरआल 6 प्रतिशत ज्यादा लोगो ने वोट किया था बजाय कि पिछले साल के. कुछ सीट्स पर तो बीजेपी को पिछली बार की तुलना में 10 प्रतिशत तक ज्यादा वोट मिले और नजफगढ़ पर ये वोट प्रतिशत सीधे 21 प्रतिशत तक बढ़ा है.

यानी  बीजेपी से लोग कनवेंस हुए है इसलिए वोट प्रतिशत बढ़ा है लेकिन अधिक मात्रा में लोग कनवेंस नही हो पाए है जिसके चलते वोट प्रतिशत उतना नही बढ़ पाया है. अगर गणना करे और बीजेपी का वोट प्रतिशत तीन प्रतिशत और भी बढ़ जाता तो ये सीट्स 15 के पार जा सकती थी जो केजरीवाल के फ्री बिजली पानी वाली राजनीति का एक अच्छा जवाब तो हो ही सकता था लेकिन आम आदमी पार्टी की जड़े इतनी गहरी जम चुकी है की उसे उखाड़ पाना उतना आसान नही है.

हालांकि बीजेपी निराश नही है क्योंकि अभी भी लगभग 35 से 40 प्रतिशत तक दिल्ली की जनता बीजेपी को चाहती है और अगर थोडा सा 10 प्रतिशत का जोर भाजपा और लगा दे तो अगले चुनावों में ये वोट प्रतिशत बढ़ते ही बीजेपी सत्ता में बड़ी ही आसानी से आ सकती है. हाँ ये जरुर है कि पांच वर्षो का इन्तजार बड़ा लंबा होता है.