राज ठाकरे कुछ ऐसा करने जा रहे है, जिससे उद्धव ठाकरे की कुर्सी हिल जायेगी

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महाराष्ट्र की राजनीति में बहुत ही बड़ा बदलाव देखने को मिला है जहाँ पर उद्धव ठाकरे और शिवसेना ने अपना रास्ता राजनीति में पूरी तरह से बदल ही दिया. भाजपा और अपनी कई नीतियों को छोड़कर के उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस और सत्ता को चुना. अब वो कुर्सी पर तो है लेकिन एक जगह है जो खाली हो गयी है और महाराष्ट्र में उसे भरने के लिये राज ठाकरे आगे आने का प्रयास कर रहे है और हाल ही में उन्होंने जो किया है उसके बाद में तो उनका सिंहासन तक डोलते हुए नजर आने लग गया है.

राज ठाकरे कर रहे है एनआरसी के समर्थन में रैली, बाल ठाकरे के वैचारिक उत्तराधिकारी बनने की जंग
राज ठाकरे ने पहले तो अपनी पार्टी का नया ध्वज सामने रखा जो पूरा भगवा है और इसके बाद में अब उन्होंने सीएए और एनआरसी के समर्थन में एक विशाल रैली का आयोजन किया है जो आजाद मैदान में होनी है. इस रैली के जरिये ओ अप्रत्यक्ष रूप से मोदी सरकार के एजेंडे सीएए और एनआरसी का समर्थन करेंगे और माना जा रहा है कि उन्हें इसमें लाखो लोगो का समर्थन मिलने वाला है.

अगर राज ठाकरे ये सब बिलकुल सही तरीके से कर जाते है और उद्धव को चुनौती देते है तो फिर वो आने वाले समय में वो महाराष्ट्र की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका में लौट सकते है. कयास कई बार लग चुके है कि वो आने वाले समय में भारतीय जनता पार्टी के साथ में गठबंधन में भी आ सकते है और एनडीए का हिस्सा हो सकते है क्योंकि बीजेपी को भी कांग्रेस एनसीपी शिवसेना के गठबंधन से लड़ने के लिए कम से कम एक साथी की जरूरत तो है.

मनसे ने साफ़ तौर पर कहा है कि हम पाकिस्तान और बांग्लादेश से आये हुए घुसपैठियो को बाहर करने के लिये रैली कर रहे है और इस पर बिलकुल भी पीछे हटने के मूड में ही नही है. इससे उद्धव ठाकरे और शिवसेना के काफी वोट मनसे की तरफ ट्रांसफर हो सकते है.