मोदी जी ने दलितों के लिये ऐसा फैसला लिया, जो उन्हें हिन्दू धर्म में उच्च सम्मान दिलायेगा

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भारतीय जनता पार्टी शुरू से ही कही न कही हिन्दुओ के पक्ष की राजनीती करती आयी है और उनकी नजर में कही न कही इन सभी करोडो लोगो को एक किया जाये तो देश को भी इससे बहुत ही ज्यादा फायदा होगा क्योंकि जातिवाद तो अपने आप में काफी ज्यादा नुकसान देने वाला ही है. इसी कड़ी में अभी हाल ही में राम मंदिर निर्माण पर बात चली है जिस पर ट्रस्ट गठन भी हो रहा है जिसमे दलितों को बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है और उन्हें ख़ास जगह देने की बात की गयी है.

राम मंदिर ट्रस्ट में 1 सदस्य दलित समाज का होना अनिवार्य, मंदिर निर्माण में निभाएगा अहम भूमिका
आज सदन में राम मंदिर के निर्माण के लिए ट्रस्ट गठन सम्बन्धी घोषणा कर दी गयी है जिसमे कुल 15 सदस्य होंगे और उनमे से एक सदस्य कम से कम दलित समाज का होना अनिवार्य होगा. इससे ज्यादा भी हो सकते है लेकिन एक तो रखना ही होगा ताकि मंदिर में दलितों को भी प्रतिनिधित्व मिले और इस समाज का मंदिर निर्माण में अहम् रोल सभी लोगो को नजर आये.

हिन्दू धर्म को लेकर के अक्सर ही आरोप लगते रहे है की दलितों को मंदिर में जाने नही दिया जाता है लेकिन अब सबसे बड़े और सबसे भव्य मंदिर के ट्रस्ट में जो दलित समाज को स्थान दिया जा रहा है वो भी देश के प्रधानमंत्री के द्वारा वो अपने आप में ऐतिहासिक है क्योंकि हिन्दू धर्म में मंदिर निर्माण सबसे कुलीन और सबसे श्रेष्ठ कार्यो में से एक माना गया है.

आपको जानकारी न हो तो बता दे की आज सदन में चर्चा के दौरान खुद प्रधानमंत्री मोदी जी ने जानकारी दी है कि सारी जमीन राम मंदिर के लिए बने ट्रस्ट को ट्रांसफर की जायेगी जो मंदिर निर्माण के लिए स्वतंत्र होगा. ये जिस तरह से चाहे वैसे काम कर सकेगा और इसमें कोई भी दखल नही रहेगा. अब आगे का काम ट्रस्ट पर होगा कि वो किस तरह से मंदिर को बनाता है और कितना जल्दी से बना पाता है क्योंकि लोग तो बेसब्री से इन्तजार कर रहे है.