चुनाव से 3 दिन पहले केजरीवाल की बेटी ने अपने पिता के बारे में कही ये बात

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देश की राजधानी नयी दिल्ली में चुनावी माहौल बन चुका है और हर कोई अपने अपने तरीके से तैयार हो रहा है. सभी खिलाडी अपने अपने तरीके से खेल रहे है किसी का मुद्दा शाहीन बाग़ है तो किसी को स्कूल के मुद्दे से फुर्सत नही है. अभी हर कोई अपने अपने तरीके से बयानबाजी भी कर रहा है लेकिन इन सबके बीच में अब अचानक से इस माहौल में एंट्री हो चुकी है अरविन्द केजरीवाल की बेटी हर्षिता की जिसने इस चुनाव को लेकर के अपने पिता को सपोर्ट किया है और उनकी सराहना करते हुए नजर आयी है.

बेटी हर्षिता ने बताया पिता को भागवत गीता का प्रचारक. पिता को आत’कवादी न बोलने को कहा
अरविन्द केजरीवाल ने जानी मानी न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात की और कहा कि मेरे पापा हमेशा से ही समाज की सेवा के कामो में ही रहे है. आज भी मुझे याद है जब वो मुझे सुबह 6 बजे जगा देते थे और मुझे मेरे भाई और दादा दादी को भागवत गीता के बारे में बताया करते थे.हम लोग इंसान का इंसान से हो भाईचारा वाला गीत भी गाते थे.

हर्षिता कहती है कि अब राजनीति बहुत ही निचले स्तर पर चली गयी है. क्या लोगो को फ्री में स्वास्थ्य की सुविधाए उपलब्ध करवाना और बच्चो को शिक्षा दिलवाना किसी तरह का आत’कवाद है? आपको बता दे प्रवेश वर्मा जो कि बीजेपी नेता है उन्होंने अरविन्द के लिए ये शब्द उपयोग किया था जिसका जवाब शायद केजरीवाल अपनी बेटी के माध्यम से देने का प्रयास कर रहे है.

आपको बता दे अपने परिवार को राजनीतिक फायदों के लिए सामने लाना कोई नयी बात नही है. पहले भी अरविन्द अपने बच्चो की कसमे खुले मंच पर खाकर के  ट्रोल हो चुके है और अब जो एक बार फिर से अपनी बेटी को मीडिया में चुनाव से ठीक तीन दिन पहले लाना कही न कही लोगो के मन में सवाल तो पैदा करता ही है. खैर चुनाव और उसके परिणाम महज एक हफ्ते के भीतर आने वाले है.